पति रोज ऑफिस जाता था, पीछे से घर आता था पत्नी का प्रेमी... पड़ोसी की एक गलती ने खोल दिया राज


 अमित अपनी पत्नी पूजा के साथ रहता था। अमित एक निजी कंपनी में काम करता था और सुबह करीब 9 बजे घर से निकलकर शाम को लौटता था। पड़ोसियों के लिए उनका परिवार बिल्कुल सामान्य था।

लेकिन पिछले कुछ महीनों से पड़ोस में रहने वाले मोहन ने एक अजीब बात नोटिस की थी। अमित के घर के बाहर दोपहर के समय अक्सर एक बाइक खड़ी दिखाई देती थी। बाइक पर आने वाला युवक ज्यादा देर नहीं रुकता था। वह सीधे घर के अंदर जाता और करीब एक घंटे बाद निकल जाता।

मोहन ने शुरू में इसे सामान्य समझा। उसे लगा शायद अमित का कोई रिश्तेदार या दोस्त होगा।

एक दिन अमित ने खुद मोहन से पूछ लिया, "भाई, मेरी गैरमौजूदगी में घर पर कोई आता-जाता तो नहीं?"

मोहन ने बिना ज्यादा सोचे कहा, "हां, एक लड़का आता है। शायद आपका कोई दोस्त होगा।"

अमित ने पूछा, "कौन सा लड़का?"

मोहन ने बाइक का नंबर बताया।

अमित कुछ सेकंड तक चुप रहा।

वह नंबर उसके लिए बिल्कुल अनजान था।

उस शाम अमित ने घर पहुंचकर पूजा से पूछा, "आज कोई आया था?"

पूजा ने कहा, "नहीं।"

अमित ने दोबारा पूछा, "पक्का?"

पूजा ने उसकी तरफ देखा और बोली, "हां, कोई नहीं आया।"

अमित ने उस समय कोई बहस नहीं की। लेकिन अब उसके मन में शक पैदा हो चुका था।

अगले दिन उसने ऑफिस जाने का नाटक किया और कुछ दूरी पर जाकर वापस लौट आया। वह चाहता था कि बिना बताए पता लगाए कि आखिर दोपहर में घर कौन आता है।

करीब डेढ़ घंटे बाद वही बाइक घर के सामने आकर रुकी।

एक युवक उतरा और सीधे घर के अंदर चला गया।

अमित का शक अब लगभग यकीन में बदल गया था।

करीब पैंतालीस मिनट बाद युवक बाहर निकला।

अमित ने उसका पीछा किया।

वह युवक शहर के दूसरे हिस्से में एक छोटी सी दुकान पर जाकर रुका। अमित ने दुकान के बाहर से उसका चेहरा देखा।

वह युवक रोहित था।

अमित उसे पहचानता था।

वह उसके ही ऑफिस में कुछ समय पहले काम कर चुका था।

अमित के दिमाग में कई सवाल घूमने लगे।

अगले दिन उसने पूजा से फिर पूछा, "रोहित तुम्हें कब से जानता है?"

पूजा अचानक चुप हो गई।

अमित ने कहा, "मुझे सब पता चल गया है।"

पूजा ने घबराकर पूछा, "क्या पता चल गया?"

अमित ने रोहित का नाम लिया।

कुछ सेकंड तक कमरे में सन्नाटा रहा।

फिर पूजा ने कहा, "मैं तुम्हें सब बताने वाली थी।"

अमित ने गुस्से में पूछा, "कब?"

पूजा के पास कोई जवाब नहीं था।

अमित को लगा कि उसकी पत्नी और रोहित के बीच वही रिश्ता है जिसका उसे डर था।

लेकिन तभी पूजा ने एक ऐसी बात बताई जिससे पूरा मामला पलट गया।

उसने कहा कि रोहित उसका प्रेमी नहीं था।

वह उसके छोटे भाई सुमित का दोस्त था।

सुमित कुछ महीनों पहले अचानक शहर से गायब हो गया था।

पूजा ने बताया कि सुमित के पास कुछ ऐसे दस्तावेज थे जिनके कारण वह परेशानी में पड़ सकता था। जाने से पहले उसने पूजा से कहा था कि अगर उसे कुछ हो जाए तो वे दस्तावेज सुरक्षित रखना।

रोहित वही दस्तावेज पूजा तक पहुंचा रहा था।

अमित ने पूछा, "लेकिन तुमने मुझसे यह सब क्यों छिपाया?"

पूजा ने कहा, "क्योंकि सुमित ने मुझे साफ कहा था कि इस मामले में किसी पर भरोसा मत करना।"

अमित अभी भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं था।

तभी पूजा ने अलमारी से एक पुराना लिफाफा निकाला।

उसमें कुछ बैंक रसीदें और जमीन से जुड़े दस्तावेज थे।

सुमित का नाम उन दस्तावेजों में कई जगह लिखा था।

अमित ने कागज पढ़ना शुरू किया तो उसे पता चला कि सुमित एक ऐसे वित्तीय लेनदेन के बारे में जानकारी जुटा रहा था जिसमें कई लोगों के नाम जुड़े थे।

उसी दौरान मोहन ने भी अमित को बताया कि जिस युवक को वह रोज घर आते देखता था, वह सिर्फ पूजा से मिलने नहीं आता था। दो बार उसने उसे घर के बाहर किसी दूसरे आदमी से भी बात करते देखा था।

अमित ने पूछा, "वह दूसरा आदमी कौन था?"

मोहन ने कहा, "चेहरा साफ नहीं देखा, लेकिन वह कई बार उसी बाइक के आसपास दिखाई दिया।"

अमित ने पुलिस को जानकारी देने का फैसला किया।

रोहित से पूछताछ हुई। उसने बताया कि सुमित के पास पुराने कारोबारी रिकॉर्ड थे और वह कुछ लोगों के खिलाफ सबूत जुटा रहा था। लेकिन अचानक उसे धमकियां मिलने लगीं और उसने शहर छोड़ दिया।

पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की।

कुछ बैंक लेनदेन संदिग्ध पाए गए। पुराने कारोबारी रिकॉर्ड भी खंगाले गए। जांच में पता चला कि कई रकम अलग-अलग खातों में भेजी गई थी और कुछ दस्तावेजों में भी गड़बड़ी थी।

कुछ दिनों बाद सुमित का पता चल गया।

वह दूसरे शहर में रह रहा था।

उसने पुलिस को बताया कि उसे डर था कि अगर वह वापस आया तो उसके पास मौजूद दस्तावेज छीन लिए जाएंगे।

उसके बयान के बाद पुराने वित्तीय मामले की जांच आगे बढ़ी।

अमित को अब समझ आया कि जिस युवक को वह अपनी पत्नी का प्रेमी समझ रहा था, वह वास्तव में सुमित की मदद कर रहा था।

लेकिन पूजा की गलती भी कम नहीं थी।

उसने अपने पति से सच छिपाया था और इसी वजह से अमित को लगा कि उसके साथ धोखा हो रहा है।

मोहन ने बाद में अमित से कहा, "मैंने तो सिर्फ इतना बताया था कि कोई लड़का आता है। मुझे क्या पता था कि कहानी इतनी बड़ी निकलेगी।"

अमित ने जवाब दिया, "कभी-कभी अधूरी जानकारी सबसे बड़ा शक पैदा कर देती है।"

मामले की जांच जारी रही और पुराने वित्तीय लेनदेन की पूरी सच्चाई सामने लाने की कोशिश शुरू हुई।

अमित के लिए इस कहानी का सबसे बड़ा सबक यही था कि जिस चीज को वह अपनी पत्नी का छिपा हुआ रिश्ता समझ रहा था, उसके पीछे एक ऐसा मामला था जिसका संबंध उसके परिवार के एक पुराने रहस्य से था।

और जिस पड़ोसी की एक छोटी सी बात से उसके मन में शक पैदा हुआ था, उसी बात ने आखिरकार उस पुराने मामले की जांच का रास्ता खोल दिया।

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