बिहार के एक छोटे से कस्बे में रहती थी सावित्री देवी (55), एक विधवा महिला। उसकी एक बेटी थी—नीतू (28), जिसकी शादी 5 साल पहले राजन (32) से हुई थी। राजन शहर में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था और कभी-कभी ही गाँव आता था। नीतू अपनी माँ के साथ रहती थी क्योंकि राजन को शहर में नौकरी के कारण अकेले रहना पड़ता था।
जब भी राजन गाँव आता, वह अपनी सास सावित्री देवी पर बुरी नज़र रखता। वह उसे घूरता, उसके पीछे-पीछे घूमता और किसी बहाने उसे छूने की कोशिश करता। सावित्री देवी बहुत शर्माती और डर जाती, लेकिन वह अपनी बेटी को कुछ नहीं बताती थी क्योंकि उसे डर था कि कहीं उसके बेटी का घर न टूट जाए।
एक दिन जब नीतू बाजार गई हुई थी, राजन ने सावित्री देवी को कमरे में बंद कर लिया और उसके साथ बदसलूकी करने की कोशिश की। सावित्री देवी ने उसे धक्का दिया और कहा, "तुम मेरे दामाद हो, मैं तुम्हारी सास हूँ। तुम्हें शर्म आनी चाहिए!" लेकिन राजन नहीं माना और उसने धमकी दी, "अगर तुमने किसी को बताया, तो मैं नीतू को तलाक दे दूँगा और उसे बदनाम कर दूँगा।" सावित्री देवी डर गई और चुप हो गई।
उस रात सावित्री देवी को नींद नहीं आई। उसने सोचा कि अब वह चुप नहीं रहेगी। उसने अपनी बेटी को सब कुछ बताने का फैसला किया। अगली सुबह उसने नीतू को सारी बात बताई। नीतू रोने लगी और उसने राजन का सामना किया। राजन ने सब कुछ नकार दिया और कहा कि सावित्री देवी झूठ बोल रही हैं क्योंकि वह उसे पसंद नहीं करती। नीतू दुविधा में पड़ गई। वह अपनी माँ पर विश्वास करती थी, लेकिन अपने पति पर भी। उसने फैसला किया कि वह राजन को एक मौका देगी, लेकिन अगर उसने फिर ऐसा किया तो वह उसे छोड़ देगी।
कुछ दिनों बाद राजन फिर से गाँव आया। इस बार उसने सावित्री देवी को अकेले में पकड़कर कहा, "तुमने मेरे खिलाफ नीतू को भड़काया, लेकिन अब मैं तुम्हें सबक सिखाऊँगा।" सावित्री देवी को बहुत गुस्सा आया। उसने ठान लिया कि अब वह अपना बदला खुद लेगी।
एक रात, सावित्री देवी ने राजन के लिए खास खाना बनाया—पूरी और आलू की सब्जी। राजन ने खाना खाया, लेकिन खाने में उसने कुछ प्राकृतिक जड़ी-बूटियाँ मिलाई थीं, जो पाचन तंत्र को बहुत खराब कर देती हैं—जानलेवा नहीं, लेकिन बहुत बीमार कर देने वाली। कुछ देर बाद राजन को पेट में तेज़ दर्द हुआ और उसे उल्टी होने लगी। वह बाथरूम में बंद हो गया।
सावित्री देवी ने तुरंत पड़ोसियों को बुलाया और कहा कि राजन को अचानक बीमारी हो गई है। पड़ोसी उसे अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने कहा कि उसे फूड प्वाइजनिंग हुई है। राजन कुछ दिनों तक बीमार रहा और कमज़ोर हो गया। जब वह ठीक हुआ, तो सावित्री देवी ने उसके सामने आकर साफ कहा, "अगर तुमने फिर कभी मुझे परेशान करने की कोशिश की या मेरी बेटी को दुखी किया, तो अगली बार खाने में कुछ और होगा।" राजन डर गया। उसके बाद उसने कभी अपनी सास की तरफ बुरी नज़र से नहीं देखा और न ही उसे परेशान किया।
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