ट्रैफिक सिग्नल पर एक अंकल उल्टा हेलमेट लगाए पीछे बाइक पर बैठे थे।
पीछे से एक अमीर लड़की अपनी बड़ी गाड़ी लेकर आती है और अंकल को बोलती है आप हेलमेट उल्टा लगाए हो।
अंकल नाराज हो जाते है,बोलते हैं तुम अपना काम करो।
इतना सुनते ही लड़की गाड़ी का शीशा नीचे करके गुस्से में बोली, "भलाई का तो ज़माना ही नहीं रहा! मैं तो बस आपकी सुरक्षा के लिए बोल रही थी, ताकि कोई हादसा न हो जाए। वरना मुझे क्या पड़ी है!"
अंकल ने पीछे मुड़कर चिढ़ते हुए कहा, "मैडम, गाड़ी में बैठकर ज्ञान मत बाँटो! 50 साल से सड़क पर चल रहा हूँ। मुझे मत सिखाओ कि हेलमेट कैसे पहना जाता है। सीधा पहनूँ या उल्टा, मेरी खोपड़ी है, मेरी मर्जी!"
तभी बाइक चला रहा उनका बेटा (या दोस्त) तुरंत गाड़ी रोककर पीछे मुड़ा। उसने अंकल का हेलमेट देखा और अपना माथा पीट लिया!
उसने हँसते हुए कहा, "अरे पापा! (अंकल!) मैडम बिल्कुल सही कह रही हैं। आप सच में हेलमेट उल्टा ही पहनकर बैठे हैं! जो शीशा और हवा आने वाला हिस्सा आगे होना चाहिए, वो आपकी गर्दन के पीछे लटक रहा है। अगर गलती से ब्रेक लगा या गाड़ी गिरी, तो यह उल्टा हेलमेट बचने के बजाय आपकी गर्दन ही तोड़ देगा!"
अंकल ने जैसे ही अपने सिर पर हाथ लगाया और शीशा पीछे पाया, उनका सारा गुस्सा हवा हो गया! चेहरे पर एक बड़ी सी शर्मिंदगी वाली मुस्कान आ गई।
अंकल ने झट से हेलमेट उतारा, सीधा करके सही से पहना और बगल में खड़ी बड़ी गाड़ी वाली लड़की की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए बोले, "अरे बेटी! माफ़ करना, जल्दबाज़ी में ध्यान ही नहीं गया। तुम तो मेरी भलाई के लिए ही टोक रही थीं, मैं बेकार में तुम पर बिगड़ गया। थैंक यू बेटा!"
लड़की का गुस्सा भी अंकल की यह मासूमियत और गलती स्वीकारते देखकर ठंडा हो गया। उसने मुस्कुराकर कहा, "कोई बात नहीं अंकल, बस अपनी सेफ्टी का ध्यान रखिए!" इतने में ट्रैफिक सिग्नल हरा हो गया और सब मुस्कुराते हुए अपनी-अपनी राह निकल पड़े।
अब आप बताइए:
क्या सड़क पर चलते हुए किसी अनजान को उसकी गलती या सुरक्षा के लिए टोकना सही है?
- क्या लड़की ने अंकल को टोककर बिल्कुल सही किया?
- या फिर आजकल लोगों को अपनी गलती पर भी अचानक गुस्सा होने के बजाय दूसरों की बात समझनी चाहिए?
अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें!
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