साली की बेटी पर बुरी नज़र रखने वाले फूफा को बेटी ने खाने में डाला ऐसा कुछ, कि फूफा के होश उड़ गए और उसने कभी किसी लड़की की तरफ नहीं देखा!


बिहार के एक छोटे से कस्बे में रहता था मनोज (48), जो एक सरकारी ऑफिस में क्लर्क था। उसकी पत्नी सुनीता (44) और दो बच्चे थे—एक बेटा राहुल (16) और एक बेटी प्रिया (14)। मनोज की पत्नी सुनीता की छोटी बहन सुमन (42) पास के गाँव में रहती थी और उसकी एक 18 साल की बेटी थी—नीलिमा। नीलिमा बहुत सुंदर थी और अक्सर अपनी माँ के साथ त्योहारों पर मनोज के घर आती थी।


एक बार नीलिमा अपनी माँ के साथ मनोज के घर आई। उस शाम नीलिमा नहाने के लिए गई। बाथरूम का दरवाज़ा पूरी तरह बंद नहीं था—ऊपर से थोड़ी जगह खुली थी। मनोज ने उस जगह से झाँका और नीलिमा को नहाते हुए देखा। उसके बुरे ख़यालात बढ़ गए। वह उसके पीछे-पीछे घूमने लगा, उसकी तारीफें करने लगा और कभी-कभी तो उसे छूने की कोशिश करता। नीलिमा को बहुत बुरा लगता, लेकिन वह अपनी माँ को कुछ नहीं बताती क्योंकि उसे शर्म आती थी।


एक दिन जब सुमन (नीलिमा की माँ) बाजार गई हुई थी, मनोज ने नीलिमा को कमरे में बुलाया और कहा, "मैं तुम्हें बहुत दिनों से देख रहा हूँ। तुम बहुत खूबसूरत हो। मैं तुमसे प्यार करता हूँ।" नीलिमा डर गई और उसने कहा, "आप मेरे फूफा हैं। यह गलत है।" मनोज नहीं माना और उसने नीलिमा को अनुचित तरीके से छूने की कोशिश की। नीलिमा ने धक्का देकर भागने की कोशिश की, लेकिन मनोज ने उसका हाथ पकड़ लिया और धमकी दी, "अगर तुमने किसी को बताया, तो मैं तुम्हारी माँ को बता दूँगा कि तुमने मुझे बहकाया था और तुम्हारी बदनामी कर दूँगा।"


नीलिमा रोने लगी, लेकिन वह चुप रही। उसने अपनी माँ को कुछ नहीं बताया। लेकिन मनोज का पीछा बंद नहीं हुआ। वह अक्सर उसे फोन करता, मैसेज करता और उसे अकेले में मिलने के लिए कहता। नीलिमा का मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा। वह अक्सर रात को रोती रहती और अपनी माँ को बताना चाहती, लेकिन डर उसे रोकता था।


एक दिन नीलिमा ने अपनी माँ सुमन को सारी बात बता दी। सुमन को बहुत गुस्सा आया और उसने अपनी बड़ी बहन सुनीता (मनोज की पत्नी) को बताया। सुनीता ने मनोज से बात की, लेकिन मनोज ने सब कुछ नकार दिया और कहा कि नीलिमा उसे बदनाम कर रही है क्योंकि वह उसे पसंद नहीं करती। सुनीता दुविधा में पड़ गई। वह अपनी बहन पर विश्वास करती थी, लेकिन अपने पति पर भी। उसने मनोज को चेतावनी दी, लेकिन मनोज नहीं माना।


अब नीलिमा ने अपना बदला लेने का फैसला किया। एक रात जब मनोज अकेला था, उसने मनोज के लिए खाना बनाया—पूरी और आलू की सब्जी—लेकिन खाने में उसने एक प्राकृतिक जड़ी-बूटी मिलाई, जो पाचन तंत्र को बहुत खराब कर देती है—जानलेवा नहीं, लेकिन बहुत बीमार कर देने वाली। मनोज ने खाना खाया और कुछ देर बाद उसे तेज़ पेट दर्द और उल्टी होने लगी। वह बाथरूम में बंद हो गया और उसकी हालत बहुत खराब हो गई।


नीलिमा ने तुरंत अपनी माँ और सुनीता को बुलाया। जब वे आईं, तो नीलिमा ने सबको बताया कि मनोज ने उसे परेशान किया था और उसने यह सबक दिया है। सुनीता और सुमन दोनों सन्न रह गईं। मनोज को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टर ने कहा कि उसे फूड प्वाइजनिंग हुई है और कुछ दिनों तक उसे आराम करना होगा। जब मनोज ठीक हुआ, तो नीलिमा ने उसके सामने स्पष्ट कहा, "अगर आपने फिर किसी लड़की की तरफ बुरी नज़र डाली या मुझे परेशान किया, तो अगली बार खाने में कुछ और होगा। यह था आपका सबक।"


मनोज को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने कभी नीलिमा या किसी अन्य लड़की की तरफ नहीं देखा। सुनीता ने भी मनोज से कहा कि अगर उसने ऐसा किया, तो वह तलाक दे देगी। आज नीलिमा पूरे कस्बे में जानी जाती है कि उसने अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए ऐसा किया, और कस्बे के लोग उसकी हिम्मत की तारीफ करते हैं।

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