सड़क पर दिन के उजाले में हलचल थी।
दो लड़कियां आधुनिकता और 'कूल' दिखने के चक्कर में बेहद छोटे कपड़ों में बेपरवाह होकर घूम
रही थीं। सामने से आ रहे एक सादगी पसंद लड़के ने उन्हें रोककर पूछा, "आप लोग इस तरह कहाँ जा
रही हैं? अगर दिन-दहाड़े कुछ अनहोनी हो जाए, तो ज़िम्मेदार कौन होगा?"
लड़कियों ने अकड़कर कहा, "तुमसे मतलब? हम जहाँ भी जाएँ, जो भी पहनें! हमारी मर्जी!"
लड़के ने कहा, "मैं इस देश का नागरिक हूँ, इसलिए फिक्र होती है।"
इतना कहते ही लड़के ने अपने ऊपर के कपड़े उतार दिए और केवल शॉर्ट्स में खड़ा हो गया।
यह देखकर लड़कियां आंखें फेरते हुए चिल्लाईं, "छपरी हो क्या? तुम्हें शर्म नहीं आती इतने छोटे कपड़ों में खड़े होते हुए?"
लड़के ने मुस्कुराकर जवाब दिया:
"यही तो दोहरा मापदंड है! आप छोटे कपड़े पहनें तो 'Cool and Modern', और लड़का पहने तो
'छपरी and अश्लील'? अगर मेरे छोटे कपड़े आपको असहज कर रहे हैं, तो सोचिए समाज में
आपकी वेशभूषा कैसी लगती होगी!"
लड़के की बात सीधे उनके दिल पर लगी। बिना कुछ कहे, लड़कियों ने तुरंत अपने पास रखे फुल
कपड़े पहन लिए और खामोशी से आगे बढ़ गईं।
संस्कारी संदेश:
फैशन वो नहीं जो नग्नता को बढ़ावा दे, असली पहचान तो सभ्यता और संस्कारों से होती है। "कपड़े ऐसे पहनो जो आपकी सोच और मर्यादा का सम्मान बढ़ाएँ।"
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ये भी सही है... 😂😂 pic.twitter.com/gEvx3QBB4d
— 𝐑𝐚𝐭𝐚𝐧 𝐋𝐚𝐥 (@civil0231) August 20, 2026
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