साली ने जीजा को खिलाया ऐसा खाना कि जीजा बीमार पड़ गया, फिर साली बोली- यह था तुम्हारा सबक!


मध्य प्रदेश के एक छोटे से कस्बे में रहता था राकेश (38), जो एक सरकारी स्कूल में शिक्षक था। उसकी पत्नी रीना (34) और उसकी छोटी बहन प्रिया (24) साथ रहती थीं। प्रिया कॉलेज में पढ़ती थी और उसकी बहन-बहनोई के घर ही रहती थी क्योंकि उसके माता-पिता नहीं थे। रीना अपनी बहन से बहुत प्यार करती थी, लेकिन प्रिया को अपने जीजा से कुछ अजीब-सा व्यवहार महसूस होने लगा था।

जब भी रीना बाहर जाती, राकेश बहाने से प्रिया के करीब आ जाता, उसकी तारीफें करता और कभी-कभी तो उसे छूने की कोशिश करता। प्रिया ने कई बार उसे रोका, लेकिन राकेश किसी परवाह नहीं करता था। एक दिन जब रीना अपने मायके गई हुई थी, राकेश ने प्रिया को कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ बदसलूकी करने की कोशिश की। प्रिया बहुत डर गई और उसने राकेश को धक्का देकर भागने की कोशिश की, लेकिन राकेश ने उसे रोक लिया। उसने कहा, "मेरी बात मान ले, नहीं तो मैं तुझे बदनाम कर दूँगा।" प्रिया को अपनी बहन की याद आई और उसने खुद को संभाला। उसने राकेश को धीरे से कहा, "ठीक है, मैं तुम्हारी बात मान लूँगी, लेकिन आज नहीं, कल। आज मुझे बहुत बुखार है।"

राकेश मान गया और उसे छोड़ दिया। रात को जब रीना लौटी, तो प्रिया ने उसे सारी बात बताई। रीना बहुत गुस्से में आ गई। वह राकेश से झगड़ी और उसने धमकी दी कि वह उसे तलाक दे देगी। लेकिन राकेश ने सब कुछ नकार दिया और कहा कि प्रिया उसे बदनाम कर रही है। रीना ने मामले को शांत करने की कोशिश की और दोनों के बीच समझौता करवाने की कोशिश की, लेकिन राकेश पहले जैसा नहीं रहा और उसने प्रिया से बात करना बंद कर दिया।

कुछ दिनों बाद राकेश अपने एक दोस्त के साथ बाहर गया हुआ था। प्रिया ने अपना मौका देखा और अपनी बहन के सामने एक प्लान बनाया। उसने राकेश के लिए खाना बनाया—लेकिन खाने में उसने कुछ ऐसा मिलाया था, जो पाचन तंत्र को बहुत खराब कर देता है, लेकिन जानलेवा नहीं। जब राकेश लौटा, तो प्रिया ने उसे खाना खिलाया। कुछ देर बाद उसे पेट में तेज़ दर्द हुआ और वह बाथरूम में बंद हो गया।

प्रिया ने तुरंत रीना और पड़ोसियों को बताया कि राकेश को बीमारी हो गई है। पड़ोसी आए और उसे अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने कहा कि कुछ खराब खाने से उसे फूड प्वाइजनिंग हुई है। राकेश की हालत बिगड़ गई और वह कुछ दिनों के लिए बीमार रहा। उसके बाद जब वह ठीक हुआ, तो उसके मन में प्रिया के लिए डर पैदा हो गया। उसे डर था कि अगर उसने उसे फिर से परेशान किया, तो वह और बड़ा कदम उठा सकती है। धीरे-धीरे, राकेश उससे दूर-दूर रहने लगा और प्रिया को परेशान करना बंद कर दिया।

रीना को कभी पता नहीं चला कि यह प्रिया की करतूत थी, लेकिन उसे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि राकेश का व्यवहार बदल गया है। प्रिया को अपनी चाल पर कोई पछतावा नहीं था, क्योंकि उसने अपने जीजा को सबक सिखा दिया था।

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