"दुल्हन की चुनरी से निकला खूनी सुराग... ससुराल में मचा हड़कंप, पुलिस ने खोली ऐसी पोल कि रह गए हैरान!"


बलिया: जनपद बलिया के सुदूर गाँव रामपुर दियारा में एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके की नींद उड़ा दी। नई-नई ब्याही दुल्हन की रहस्यमयी मौत ने जहाँ एक तरफ ससुराल वालों को रुला दिया, वहीं पुलिस जांच में सामने आए खुलासों ने पूरे परिवार को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है। यह कहानी है देवयानी (25) की, जिसकी शादी पिछले साल सत्येंद्र यादव (30) के साथ हुई थी।


शुरू से ही था कुछ अजीब

गाँव वालों की मानें तो शादी के बाद से ही देवयानी कुछ अजीब-सी रहती थी। वह अक्सर घर से बाहर निकलती, तो लोग उसे अकेले में आँखें पोंछते हुए देखते थे। पड़ोसन कमला देवी ने बताया, "बहुत सहमी-सहमी रहती थी, जैसे कोई बात मन में दबाए हो। जब हम पूछते, तो कहती सब ठीक है।"


रात का वो काला अँधेरा

6 अगस्त 2026 की मध्य रात्रि, गाँव में अचानक चीख पुकार मच गई। सत्येंद्र के घर से देवयानी की तेज चीखें सुनाई दीं। जब तक पड़ोसी दौड़े, देवयानी बेड पर खून से लथपथ पड़ी थी और उसकी साँसें थम चुकी थीं। परिजनों ने बताया कि देवयानी की मौत पेट में चोट लगने से हुई है।


परिवार के अनुसार, देवयानी को मिर्गी (Epilepsy) की बीमारी थी और रात में दौरा पड़ने से वह गिरकर बेड के किनारे से टकरा गई, जिससे उसकी मौत हो गई। परिवार ने पंचनामा करके अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी।


जागा पुलिस का शक

मामला जैसे ही पुलिस के पास पहुँचा, गाँव के चौकी इंचार्ज सुभाष यादव को कुछ अजीब लगा। देवयानी के पति सत्येंद्र और सास-ससुर का रोना-धोना ज़रूर से अभिनय जैसा लग रहा था। पुलिस ने आँख बंद करके हादसा मानने से इनकार कर दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।


 पोस्टमार्टम ने खोले राज

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जब आई तो पुलिस के होश उड़ गए। डॉक्टरों ने साफ कहा कि देवयानी की मृत्यु सिर पर किसी भारी वस्तु से किए गए कई वार के कारण हुई है। उसके सिर पर चोट के 5 से अधिक निशान थे, जो गिरने से नहीं, बल्कि जानबूझकर वार करने से बने थे।


खुलासा: चुनरी में छिपा था राज!

पुलिस ने जब घटना वाली रात देवयानी के पहनावे की बारीकी से जाँच की, तो उसकी चुनरी पर एक छोटा-सा फटा हुआ कागज़ का टुकड़ा चिपका मिला। यह कागज़ आधा जल चुका था, मगर उस पर जो अक्षर लिखे थे, उन्होंने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी।


कागज़ पर केवल दो शब्द लिखे थे:


"सास ने मा..."


पुलिस को तुरंत समझ आ गया कि देवयानी मरते-मरते अपनी सास का नाम लिखना चाहती थी।


 ससुराल के सारे सदस्य गिरफ्तार

पुलिस ने पूरे परिवार को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू की। जल्द ही सामने आया कि देवयानी ने अपनी सास के कहने पर ही शादी के दहेज़ (Dowry) की पूरी रकम ससुराल वालों को दे दी थी। अब वह और पैसे नहीं ला पा रही थी, इसी बात से नाराज़ सास-ससुर और पति ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई।


पुलिस ने देवयानी की सास सुशीला देवी, ससुर बजरंगी यादव और पति सत्येंद्र यादव को दहेज हत्या (Dowry Death) के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पति सत्येंद्र पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का भी आरोप है।


 पीड़ित परिवार का बयान

देवयानी के पिता रामस्वरूप ने बताया, "हमने सोचा था कि अच्छे घर में बेटी भेज रहे हैं, लेकिन यहाँ तो उन्होंने उसे जीते-जी मार डाला। बेटी ने ज़िंदगी भर हमें नहीं बताया कि वह कितना दर्द सह रही थी।"


 पुलिस की कार्रवाई

बलिया पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) और दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कुमार मिश्रा ने कहा, "यह एक जघन्य अपराध है। हम आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए अदालत में पुख्ता सबूत पेश करेंगे।"

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