बॉयफ्रेंड से मिलने गई लड़की साथ ले गई अपनी सहेली, लेकिन लड़के की चालाकी ने दोनों को ही अपने जाल में फंसा लिया, गलत संगत ने बदल दी दोनों की जिंदगी!


वो कहावत है न कि तरबूजा का रंग देखकर खरबूजा रंग बदलता है।

इंसान भी दूसरे के साथ रहकर बदल जाता है। ये लड़की अपने बॉयफ्रेंड से मिलने जाती है,साथ में अपनी दोस्त को भी ले जाती है।

लड़का तो एक नंबर का फ्रॉड है अपनी बातों में इसने Gf की दोस्त को भी फसा लिए।

...गलत संगत में पड़कर इंसान कैसे अपनी राह से भटक जाता है, यह इन दोनों सहेलियों की कहानी देखकर साफ़ समझ आ रहा था।

​जो लड़कियां घर से "कोचिंग जा रही हैं" या "स्कूल जा रही हैं" कहकर निकलती थीं, वो किताबें बस्ते में समेटकर पार्क और कैफे के चक्कर लगा रही थीं। संस्कार और मर्यादा को ताक पर रखकर, स्कूल बंक करके मौज-मस्ती करना ही अब उनकी रोज़ की दिनचर्या बन चुका था।

​सच ही कहा है किसी पुरुष ने कि गलत संगत और आवारागर्दी का अंत हमेशा पछतावे पर ही खत्म होता है। जब तक इंसान को संस्कारों और सही-गलत की मर्यादा का अहसास होता है, तब तक समय हाथ से निकल चुका होता है।

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