तीन प्रेमी थे, लेकिन महिला का दिल सिर्फ एक के लिए धड़कता था... बाकी दो को रास्ते से हटाने की साजिश में हुआ ऐसा खेल कि आखिर में वही फंस गई


 रिया की शादी विक्रम से हुई थी। बाहर से दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य दिखाई देता था, लेकिन रिया की जिंदगी में शादी से पहले से ही एक पुराना रिश्ता मौजूद था।

उसका प्रेमी था आकाश

शादी के बाद भी दोनों का संपर्क बना रहा।

लेकिन आकाश को यह नहीं पता था कि रिया की जिंदगी में वह अकेला पुरुष नहीं था।

रिया के संपर्क में दो और पुरुष थे—मनीष और रोहन

तीनों को लगता था कि रिया सिर्फ उन्हीं से प्यार करती है।

यही रिया की सबसे बड़ी गलती थी।


तीनों को अलग-अलग कहानी सुनाती थी रिया

आकाश से वह कहती—

"मैं तुम्हारे लिए पति को छोड़ दूंगी।"

मनीष से कहती—

"आकाश सिर्फ पुराना दोस्त है। मेरा रिश्ता तुमसे है।"

और रोहन से कहती—

"तुम्हारे अलावा मेरी जिंदगी में कोई नहीं है।"

तीनों उस पर भरोसा करते रहे।

लेकिन कुछ महीनों बाद आकाश को शक होने लगा।

उसे रिया के फोन पर एक ऐसा संदेश दिखाई दिया जिसे देखकर उसका माथा ठनक गया।

संदेश किसी दूसरे पुरुष का था।

आकाश ने रिया से पूछा।

रिया ने बात टाल दी।

लेकिन आकाश ने उसकी जांच शुरू कर दी।


फिर तीनों के बीच पहली बार टकराव हुआ

एक शाम आकाश ने मनीष को रिया के घर के पास देख लिया।

उसने उसका पीछा किया।

कुछ ही देर बाद दोनों आमने-सामने थे।

आकाश ने पूछा—

"तुम रिया को कब से जानते हो?"

मनीष ने जवाब दिया—

"तुम कौन होते हो पूछने वाले?"

दोनों के बीच बहस हुई।

कुछ देर बाद मनीष ने रिया के साथ अपनी बातचीत के स्क्रीनशॉट दिखा दिए।

आकाश के होश उड़ गए।

उसे पता चला कि रिया ने उससे ही नहीं, मनीष से भी वही वादे किए थे।

लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी।


तीसरा नाम सामने आया

मनीष ने कहा—

"तुम्हें लगता है तुम अकेले हो? उसके फोन में एक और आदमी का नंबर है।"

दोनों ने रिया के बारे में पता लगाना शुरू किया।

उन्हें रोहन का नाम मिला।

जब रोहन से संपर्क किया गया तो उसने भी वही कहानी सुनाई।

वह रिया को अपना प्रेम मानता था।

अब तीनों समझ चुके थे कि उन्हें एक ही महिला ने अलग-अलग कहानी सुनाकर अपने जाल में फंसा रखा था।


रिया को पता चला कि तीनों सच जान चुके हैं

रिया घबरा गई।

उसने आकाश से कहा—

"मुझे कुछ दिन अकेला छोड़ दो।"

फिर मनीष को फोन किया।

फिर रोहन को।

लेकिन इस बार तीनों ने उससे अकेले मिलने से इनकार कर दिया।

आकाश ने कहा—

"अब हम तीनों एक साथ तुमसे बात करेंगे।"

रिया के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई देने लगी।


उसी रात तीनों को एक संदेश मिला

रिया ने तीनों को अलग-अलग संदेश भेजा—

"आज रात पुराने फार्महाउस पर आओ। मैं सब सच बताऊंगी।"

आकाश पहुंचा।

कुछ देर बाद मनीष भी पहुंच गया।

फिर रोहन।

तीनों एक-दूसरे को देखकर चुप रह गए।

उन्हें समझ आ गया कि रिया ने सबको एक ही जगह बुलाया है।

लेकिन रिया वहां नहीं थी।


फार्महाउस के अंदर मिला एक चौंकाने वाला सबूत

कमरे में एक मेज पर रिया का फोन पड़ा था।

उसके पास एक पुराना लिफाफा था।

आकाश ने फोन उठाया।

उसमें तीनों के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग मौजूद थी।

मनीष ने कहा—

"वह हमारी बातचीत रिकॉर्ड कर रही थी?"

रोहन ने लिफाफा खोला।

अंदर तीन अलग-अलग लोगों के दस्तावेजों की प्रतियां थीं।

अब मामला प्रेम संबंध से कहीं ज्यादा गंभीर लग रहा था।


फिर उन्हें एक फोटो मिली

फोटो में रिया एक बुजुर्ग कारोबारी के साथ खड़ी थी।

तीनों में से किसी ने उसे पहले कभी उस आदमी के साथ नहीं देखा था।

आकाश ने कहा—

"इसे मैं जानता हूं।"

वह व्यक्ति शहर का एक बड़ा व्यापारी था जिसकी कुछ महीने पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी।

उसकी मौत को परिवार ने बीमारी बताया था।

लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में मामला अभी बंद नहीं हुआ था।


क्या रिया का संबंध उस मौत से था?

तीनों के मन में यही सवाल था।

तभी फार्महाउस के पीछे से आवाज आई।

तीनों बाहर निकले।

वहां रिया खड़ी थी।

उसने कहा—

"तुम लोगों को यहां नहीं आना चाहिए था।"

आकाश ने गुस्से में पूछा—

"यह सब क्या है?"

रिया कुछ सेकंड चुप रही।

फिर बोली—

"मैंने तुम्हें इस्तेमाल किया है। लेकिन तुम लोग जिस चीज के पीछे पड़े हो, वह उससे भी बड़ी है।"


रिया ने खोला असली राज

रिया ने बताया कि वह व्यापारी उसके पति विक्रम के पुराने कारोबारी संबंधों से जुड़ा था।

उसकी मौत से पहले उसने रिया को कुछ दस्तावेज दिए थे।

उन दस्तावेजों में करोड़ों रुपये के फर्जी लेनदेन का विवरण था।

रिया ने वे दस्तावेज छिपा लिए।

इसके बाद उसने तीनों पुरुषों से अलग-अलग संपर्क बनाए।

किसी से पैसा लिया।

किसी से दस्तावेज हासिल किए।

और किसी के जरिए कारोबारी लोगों तक पहुंच बनाई।


लेकिन हत्या की बात पर रिया चुप रही

आकाश ने पूछा—

"उस आदमी की मौत कैसे हुई?"

रिया ने कोई जवाब नहीं दिया।

तभी दूर से पुलिस की गाड़ी की आवाज सुनाई दी।

तीनों घबरा गए।

रिया ने कहा—

"पुलिस को मैंने नहीं बुलाया।"

आकाश ने पूछा—

"फिर किसने?"


पुलिस पहले से पूरे मामले पर नजर रख रही थी

कुछ दिनों से पुलिस उस व्यापारी की संदिग्ध मौत की जांच कर रही थी।

उन्हें उसके फोन से कुछ ऐसे संदेश मिले थे जिनका संबंध रिया से था।

पुलिस ने रिया की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया था।

फार्महाउस पर पहुंचते ही पुलिस ने वहां मौजूद सभी लोगों से पूछताछ शुरू की।


लेकिन सबसे बड़ा झटका तीनों प्रेमियों को लगा

पुलिस को रिया के घर और फार्महाउस से कई दस्तावेज मिले।

उनमें तीनों पुरुषों के नाम भी थे।

अब पुलिस को शक था कि रिया ने सिर्फ उन्हें भावनात्मक रूप से इस्तेमाल नहीं किया।

शायद उसने उनके नामों का इस्तेमाल वित्तीय धोखाधड़ी में भी किया था।

तीनों को अपनी-अपनी सफाई देनी पड़ी।


जांच में निकली एक अलग कहानी

कई दिनों की जांच के बाद पता चला कि व्यापारी की मौत के पीछे रिया अकेली नहीं थी।

उसका पति विक्रम भी उस कारोबारी विवाद से जुड़ा हुआ था।

लेकिन हत्या में रिया की भूमिका अभी साबित नहीं हुई थी।

रिया ने पुलिस को बताया कि उसने व्यापारी से दस्तावेज जरूर लिए थे, लेकिन उसकी मौत के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी।


असली मास्टरमाइंड कौन था?

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को व्यापारी के कारोबारी साझेदार पर शक हुआ।

बैंक रिकॉर्ड और पुराने फोन संदेशों से पता चला कि उसने व्यापारी पर दबाव बनाया था।

मौत से पहले व्यापारी ने उसी व्यक्ति से कई बार संपर्क किया था।

धीरे-धीरे पूरा वित्तीय घोटाला सामने आने लगा।

रिया ने भले ही तीनों पुरुषों से झूठ बोला था, लेकिन हत्या की साजिश में उसकी भूमिका वैसी नहीं निकली जैसी शुरुआत में लग रही थी।


लेकिन रिया भी बच नहीं पाई

पुलिस ने उस पर धोखाधड़ी और लोगों की पहचान एवं दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की जांच शुरू की।

तीनों पुरुषों ने भी उसके खिलाफ अपने-अपने सबूत दिए।

आकाश ने कहा—

"मुझे लगता था वह सिर्फ मुझसे प्यार करती है।"

मनीष बोला—

"मैंने उसके लिए बहुत कुछ किया।"

रोहन ने सिर झुकाकर कहा—

"हम तीनों को उसने अलग-अलग कहानी सुनाई।"


एक ही रात में तीनों रिश्ते खत्म हो गए

उस रात फार्महाउस पर तीनों पहली बार एक साथ खड़े थे।

तीनों को समझ आ चुका था कि वे एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं थे।

वे सभी एक ही व्यक्ति के बनाए जाल में फंसे थे।

रिया के लिए उनका रिश्ता प्यार से ज्यादा एक साधन बन चुका था।

पैसा।

जानकारी।

संपर्क।

और भरोसा।


अंत

रिया ने तीनों पुरुषों को अलग-अलग सपने दिखाए थे।

एक को शादी का।

दूसरे को भविष्य का।

तीसरे को सच्चे प्यार का।

लेकिन जब तीनों पहली बार एक ही रात आमने-सामने आए तो उसकी पूरी कहानी बिखर गई।

और जिस महिला को तीनों अपनी प्रेमिका समझते थे...

वही उन्हें एक ऐसे अपराधी जाल तक ले गई, जिसका संबंध करोड़ों की धोखाधड़ी और एक संदिग्ध मौत से जुड़ा था।

सबसे बड़ा मोड़ यह था कि जिस हत्या का शक शुरुआत में रिया पर गया था, उसकी जांच में एक दूसरा चेहरा सामने आया।

लेकिन रिया भी अपने किए से बच नहीं सकी।

तीन प्रेमी, एक महिला और एक रात—जिसने चार लोगों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी।

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