राजस्थान के एक छोटे से गाँव में रहता था सुरेश (45), जिसकी पत्नी कमला (40) थी। सुरेश का एक भतीजा राहुल (22) पास के शहर में पढ़ाई करता था और छुट्टियों में गाँव आता था। राहुल की माँ (सुरेश की बहन) का देहांत हो गया था, इसलिए वह अपने मामा-मामी के घर ही बड़ा हुआ था। कमला ने उसे अपने बेटे की तरह पाला था, लेकिन जैसे-जैसे राहुल बड़ा हुआ, उसके मन में कुछ और ही भावनाएँ पनपने लगीं।
राहुल को अपनी मामी से प्यार हो गया। वह उसे छुप-छुपकर देखता, उसकी तारीफ करता और उसके करीब आने की कोशिश करता। कमला को शुरू में इस बात का एहसास नहीं हुआ, लेकिन जब राहुल ने एक दिन उसे जबरन गले लगाने की कोशिश की, तो वह समझ गई। उसने राहुल को डाँटा और कहा कि वह उसका भांजा है और ऐसा कभी नहीं कर सकता। राहुल ने माफी माँगी, लेकिन उसके मन में कमला के लिए प्यार कम नहीं हुआ।
कुछ महीने बाद राहुल फिर से गाँव आया। इस बार उसने कमला को अकेले में बुलाकर कहा, "मामी, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ। मैं आपके बिना नहीं रह सकता। अगर आपने मेरी बात नहीं मानी, तो मैं कुछ ऐसा करूँगा कि आपको पछताना पड़ेगा।" कमला डर गई और उसने अपने पति सुरेश को सब कुछ बता दिया।
सुरेश को बहुत गुस्सा आया। उसने राहुल को बुलाकर खूब पीटा और घर से निकाल दिया। राहुल ने जाते हुए कहा, "मैं बदला लूँगा। तुम्हें पता भी नहीं चलेगा कि कब और कैसे।"
कुछ दिनों के बाद गाँव में एक अजीब घटना हुई। कमला को उसके घर के बाहर एक गुलाब का फूल मिला, जिस पर एक चिट्ठी थी—"मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रहा हूँ।" कमला ने इसे सुरेश को दिखाया। सुरेश ने पूरे गाँव में राहुल को ढूँढा, लेकिन वह नहीं मिला।
एक रात, जब सुरेश खेत पर गया हुआ था, राहुल ने घर में घुसकर कमला को अकेले में पकड़ लिया। उसने कहा, "मामी, अब तुम मुझसे बच नहीं सकतीं। या तो तुम मेरी बात मानो, वरना मैं सबको बता दूँगा कि तुमने मुझे बहकाया था।" कमला रोने लगी, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने बाहर से आवाज़ लगाई, "सुरेश! बचाओ!" राहुल डर गया और वह भाग गया।
सुरेश जब आया, तो कमला ने उसे सब कुछ बताया। अब सुरेश ने राहुल को सबक सिखाने का फैसला किया। उसने राहुल को एक जगह बुलाया और उसे धमकी दी कि अगर उसने फिर से ऐसा किया, तो वह उसे पुलिस के हवाले कर देगा। राहुल ने माफी माँगी, लेकिन सुरेश ने कहा, "तुम अब इस गाँव में नहीं रह सकते।" उसने राहुल को हमेशा के लिए गाँव से निकाल दिया।
अब राहुल कहीं और चला गया है, लेकिन कमला और सुरेश अब पहले जैसे नहीं रहे। इस घटना ने उनके रिश्ते पर गहरा असर डाला। दोनों के बीच पहले जैसा विश्वास नहीं रहा, लेकिन सुरेश ने कभी कमला को इसके लिए दोषी नहीं ठहराया। कमला को अब भी अपने भांजे की गंदी नज़रों का डर सताता है और वह अक्सर बुरे सपने देखती है। सुरेश उसे समझाता है, लेकिन दोनों जानते हैं कि यह घाव कभी नहीं भरेगा।
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