रोहित गुरुग्राम की एक बड़ी MNC IT कंपनी में senior project manager था।
काम इतना ज्यादा रहता था
कि सुबह घर से निकलते-निकलते रात हो जाती थी।
उसकी पत्नी साक्षी पहले उसकी राह देखा करती थी।
लेकिन पिछले कुछ महीनों से
कुछ बदल गया था।
अब वो रोहित के आने से पहले ही
“थक गई हूँ” बोलकर कमरे में चली जाती।
रोहित सोचता — “शायद मैं ही time नहीं दे पा रहा…”
लेकिन धीरे-धीरे
उसे छोटी-छोटी बातें अजीब लगने लगीं।
Phone हमेशा silent।
Screen हमेशा नीचे।
Bathroom तक phone साथ।
और सबसे अजीब—
साक्षी अब उसके jokes पर नहीं हँसती थी…
लेकिन phone देखते हुए अक्सर मुस्कुरा देती थी।
एक रात…
रोहित करीब 1 बजे उठा।
पानी पीने के लिए।
कमरे की सारी लाइट बंद थी…
बस phone की हल्की नीली रोशनी साक्षी के चेहरे पर पड़ रही थी।
वो मुस्कुरा रही थी।
वैसी मुस्कान…
जो कभी रोहित के लिए हुआ करती थी।
रोहित ने धीरे से पूछा — “अब तक सोई नहीं?”
साक्षी हल्का सा घबरा गई।
जल्दी से phone lock किया।
“बस… Instagram scroll कर रही थी…” उसने कहा।
रोहित ने कुछ नहीं कहा।
लेकिन उस रात
उसे पहली बार लगा—
उनके बीच कोई तीसरा आ चुका है।
अगले कुछ दिनों तक
वो बस observe करता रहा।
अब साक्षी अक्सर balcony में जाकर बात करती थी।
धीरे-धीरे…
हँसते हुए।
एक दिन रोहित ने casually पूछा—
“किससे बात करती रहती हो?”
साक्षी ने बिना उसकी तरफ देखे जवाब दिया—
“ऑफिस का काम है…”
ऑफिस?
रोहित को अजीब लगा।
क्योंकि साक्षी तो पिछले 2 साल से job ही नहीं कर रही थी।
लेकिन उसने फिर भी कुछ नहीं कहा।
एक रात…
साक्षी नहाने गई।
और पहली बार…
उसका phone bed पर रह गया।
उसी वक्त notification आया—
“Good night jaan… miss you already.”
रोहित के हाथ काँप गए।
नाम saved था—
“Aman Gym”
उसका दिल जैसे रुक गया।
वो चाहकर भी chat open नहीं कर पाया।
कभी-कभी इंसान
सच देखने से ज्यादा
उसे imagine करके टूट जाता है।
शाम को साक्षी बिल्कुल normal थी।
“Tea लोगे?” उसने मुस्कुराकर पूछा।
रोहित बस उसे देखता रहा।
उसी लड़की को…
जिसके साथ उसने 7 साल बिताए थे।
लेकिन अब वो physically उसके सामने थी…
और emotionally कहीं और।
उस रात रोहित सोने का नाटक करता रहा।
करीब 1:20 बजे…
साक्षी ने धीरे से phone उठाया।
Screen की रोशनी उसके चेहरे पर पड़ रही थी।
और वो मुस्कुरा रही थी।
फिर उसने message type किया—
“काश हम पहले मिले होते…”
रोहित की आँखें बंद थीं…
लेकिन अंदर सब टूट चुका था।
कुछ सेकंड बाद…
साक्षी ने उसकी तरफ देखा।
शायद check कर रही थी कि वो सो रहा है या नहीं।
फिर धीरे से मुस्कुराई…
और phone सीने से लगाकर लेट गई।
सोने से पहले
उसने रोहित को hug किया…
और धीरे से पूछा — “तुम मुझ पर trust करते हो ना?”
रोहित मुस्कुराया।
और पहली बार
उसे समझ आया—
कभी-कभी रिश्ते पहले दिल में खत्म होते हैं…
फिर जिंदगी में।
धोखा हमेशा अचानक नहीं मिलता…
कभी-कभी वो
हर रात थोड़ा-थोड़ा महसूस होता है।
सवाल:
अगर आप रोहित की जगह होते…
तो उसी रात सच पूछ लेते?
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