आंखों से कुछ नहीं दिखता, फिर भी बिना सहारे करता है मजदूरी, ईंट-रेत उठाकर चढ़ता है तीसरी मंजिल, इस शख्स की खुद्दारी देखकर हर कोई करेगा सलाम


 हाल ही में एक दोस्त के घर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। वहां काम कर रहे मजदूरों के बीच एक ऐसा व्यक्ति भी था, जिसे देखकर पहली नजर में शायद किसी को अंदाजा नहीं होगा कि वह रोजाना कितना कठिन काम करता है।

वह व्यक्ति पूरी तरह दृष्टिहीन है। उसे दिखाई नहीं देता, लेकिन इसके बावजूद वह निर्माण स्थल पर दूसरे मजदूरों की तरह मेहनत करता है।

बताया गया कि उसे सिर्फ एक बार यह बता दिया जाए कि ईंट, रेत या बजरी कहां रखी है और उसे कहां पहुंचाना है, इसके बाद वह अपने काम को खुद करने की कोशिश करता है।

वह तसले में रेत भरता है, ईंटें उठाता है और उन्हें निर्धारित जगह तक पहुंचाता है।

लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वह सीढ़ियों के जरिए तीसरी मंजिल तक भी आना-जाना करता है। अपनी याददाश्त, संतुलन और अंदाजे के सहारे वह निर्माण स्थल पर अपना काम जारी रखता है।

इस तरह का काम किसी के लिए भी आसान नहीं है। खासकर उस व्यक्ति के लिए जिसे आसपास की चीजें दिखाई ही न देती हों।

इस कहानी का सबसे भावुक पहलू यही है कि उसने अपनी कमजोरी को अपनी पूरी जिंदगी की पहचान नहीं बनने दिया। उसने अपनी क्षमता के मुताबिक काम करने और अपने पैरों पर खड़े रहने का रास्ता चुना।

वह चाहता तो दूसरों से मदद मांग सकता था, लेकिन उसने मेहनत को अपना सहारा बनाया।

हालांकि, ऐसी स्थिति में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। निर्माण स्थल पर ऊंचाई, सीढ़ियां, भारी सामान और दूसरे जोखिम होते हैं। इसलिए ऐसे मजदूर को उचित सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और काम के दौरान आवश्यक सहायता मिलनी चाहिए, ताकि उसकी मेहनत किसी दुर्घटना में न बदल जाए।

यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि किसी व्यक्ति की शारीरिक अक्षमता को देखकर उसकी क्षमता का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए।

कई लोग अपनी परिस्थितियों के बावजूद ऐसा संघर्ष करते हैं, जिसकी कल्पना करना भी हमारे लिए मुश्किल होता है।

मेहनत करने की इच्छा, आत्मसम्मान और हिम्मत किसी भी इंसान की सबसे बड़ी ताकत हो सकती है।

ऐसे मेहनती लोगों की सिर्फ तारीफ ही नहीं, बल्कि अगर संभव हो तो सम्मानजनक और सुरक्षित तरीके से आर्थिक मदद भी करनी चाहिए।

मेहनत और स्वाभिमान की इस मिसाल को दिल से सलाम। 

नोट: ऊपर की कहानी आपके दिए गए विवरण पर आधारित है; व्यक्ति की पहचान, स्थान और घटना की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

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