Tips & Tricks: गर्मी और मानसून के मौसम में, खीरा चाहे सलाद में हो या रायते में न सिर्फ़ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि शरीर में पानी की कमी भी नहीं होने देता. हालांकि, कभी-कभी बाज़ार से खरीदा गया खीरा काटने पर कड़वा निकलता है, जिससे पूरा सलाद खराब हो सकता है. यह कड़वाहट मुख्य रूप से ‘कुकुरबिटासिन’ नाम के प्राकृतिक कंपाउंड की वजह से होती है; इनकी मात्रा पौधे की किस्म और उसे उगाने की स्थितियों पर निर्भर करती है. वैसे तो बिना चखे यह 100% पक्के तौर पर बताना मुश्किल है कि खीरा कड़वा है या नहीं, लेकिन इसे उगाने के समय जैसी बातों के आधार पर इसका बेहतर अंदाज़ा लगाया जा सकता है…
1. बहुत मोटे खीरे से बचें
खीरा खरीदते समय, बहुत मोटे या बहुत बड़े खीरे के बजाय मध्यम आकार के खीरे चुनें. हालांकि सिर्फ़ आकार से कड़वाहट का पता नहीं चलता, लेकिन बहुत बड़ी सब्ज़ियां ज़्यादा पकी हुई हो सकती हैं और उनमें बीज ज़्यादा हो सकते हैं. इसलिए, सलाद के लिए मध्यम आकार का खीरा अक्सर बेहतर विकल्प होता है.
2. रंग पर ध्यान दें
ताज़ी सब्ज़ियों का रंग आम तौर पर एक जैसा हरा होना चाहिए. जो खीरा पीला पड़ गया हो या फीका/बेरंग दिख रहा हो, वह पुराना हो सकता है. ऐसे खीरे चुनें जिनकी त्वचा ताज़ी दिखे और रंग प्राकृतिक हरा हो.
3. छूकर देखें
खीरे को हल्के से दबाएं. ताज़ा खीरा छूने में सख्त और ठोस महसूस होना चाहिए. अगर यह बहुत नरम या ढीला लगे, या दबाने पर आसानी से दब जाए, तो यह बासी या ज़्यादा पका हुआ हो सकता है. ऐसी सब्ज़ियां न खरीदना ही बेहतर है.
4. त्वचा की जांच करें
अगर खीरे की सतह पर गहरे दाग, कट, झुर्रियां या बहुत ज़्यादा सूखापन दिखे, तो उसे न खरीदें. ताज़े खीरे की त्वचा साफ और सख्त होती है. हालांकि, सिर्फ़ त्वचा की बनावट से कड़वाहट का पक्का पता नहीं चल सकता.
5. सिरों की जांच करें
खीरे के सिरों को देखें. जो हिस्से बहुत सूखे, मुरझाए हुए या सड़ रहे हों, वे बता सकते हैं कि सब्ज़ी पुरानी है. ताज़े खीरे में सिरे ताज़े और हरे दिखने चाहिए.
क्या छिलका उतारने से कड़वाहट दूर हो जाती है?
खीरे में कड़वाहट अक्सर त्वचा और सिरों के पास होती है, लेकिन छिलका उतारने से हमेशा कड़वाहट खत्म नहीं होती. अगर काटने पर खीरा बहुत ज़्यादा कड़वा लगे, तो उसे न खाना ही बेहतर है.
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