सनातन परंपरा में संकटमोचन श्री हनुमान जी (बजरंगबली) को कलयुग के साक्षात जागृत, अमर और भक्तों के हर कष्ट को पलक झपकते दूर करने वाले देवता माना गया है। शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है कि जहां 'हनुमान' नाम का सुमिरन होता है, वहां भूत-पिशाच, असाध्य रोग, कंगाली, कड़े पारिवारिक कलह और ग्रहों की क्रूर पीड़ा टिक ही नहीं सकती। जब बजरंगबली अपने भक्तों पर मेहरबान होते हैं, तो दशकों पुराने आंसुओं को पोंछकर जीवन में राजसी सुख और अखंड आनंद भर देते हैं।
ज्योतिषीय पंचांग और गणनाओं के अनुसार, आज 18 अगस्त 2026 को सावन के पावन मंगलवार पर ग्रहों के सेनापति मंगल और न्यायप्रिय शनि के विशेष तालमेल से आकाशमंडल में एक जाग्रत 'संकटमोचन कृपा-कल्याण चक्र' सक्रिय हो चुका है।
पवनपुत्र बजरंगबली की इस दिव्य अनुकंपा से 5 विशेष भाग्यशाली राशियों के बरसों पुराने दुखों का अंत होने जा रहा है। संकटमोचन हनुमान जी इन 5 राशि वालों के जीवन से हर बाधा, कर्ज का बोझ, बेरोजगारी और मानसिक तनाव को हरकर खुशियों (Khushiyan) का नया सवेरा लाने वाले हैं।
आइए विस्तार से जानते हैं कि बजरंगबली किन 5 राशियों के कष्ट हरकर उनका जीवन खुशहाल बनाने जा रहे हैं:
इन 5 राशियों के बरसों पुराने दुख हरेंगे बजरंगबली: देखें विस्तृत महा-राशिफल
1. मेष राशि — स्वामी मंगल का आशीर्वाद, करियर में ऐतिहासिक उछाल और कर्जमुक्ति
मेष राशि के स्वामी स्वयं मंगल देव हैं, जो बजरंगबली के अत्यंत प्रिय माने जाते हैं।
दुखों का अंत: पिछले कई वर्षों से जो आर्थिक तंगी और कर्जों का बोझ आपको चैन से सोने नहीं दे रहा था, वह अब पूरी तरह समाप्त होगा। नौकरी में आ रही रुकावटें दूर होंगी और सीनियर्स आपके काम से खुश होकर बड़ा प्रशासनिक पद या मनचाहा ट्रांसफर सौंप सकते हैं।
खुशियों का आगमन: घर में नया वाहन या अचल संपत्ति खरीदने की योजना अंतिम रूप लेगी। परिवार के सदस्यों में आपसी प्रेम बढ़ेगा।
व्यावहारिक सलाह: मंगलवार को हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर अर्पित करें और आलस्य से दूर रहें।
2. सिंह राशि — विरोधियों का नाश, सरकारी कार्यों में सफलता और मान-सम्मान
सूर्य के स्वामित्व वाली सिंह राशि पर संकटमोचन की सीधी नजर रहने से अटके काम तेजी से बनेंगे।
दुखों का अंत: कार्यक्षेत्र में लंबे समय से आपके खिलाफ चल रही राजनीति और ईर्ष्यालु लोगों के षड्यंत्र पूरी तरह ध्वस्त होंगे। कोर्ट-कचहरी या सरकारी विभागों में वर्षों से अटकी फाइलें बिना किसी अड़चन के आगे बढ़ेंगी।
खुशियों का आगमन: समाज में आपकी साख और प्रतिष्ठा कई गुना बढ़ेगी। संतान पक्ष से कोई बड़ी शुभ सूचना मिलने से घर में उत्सव का माहौल बनेगा।
व्यावहारिक सलाह: प्रतिदिन सुबह सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल दें और 'बजरंग बाण' का पाठ करें।
3. तुला राशि — मानसिक तनाव की समाप्ति, व्यापार में बूम और डूबा धन वापस
तुला राशि के जातकों के जीवन में चल रहा अनिश्चितता और अवसाद का दौर अब समाप्त होने वाला है।
दुखों का अंत: व्यापार में पिछले कई सालों से लगातार हो रहा नुकसान अचानक बड़े मुनाफे में बदल जाएगा। फंसा हुआ पुराना पेमेंट या किसी को दिया गया उधार पैसा अचानक वापस मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
खुशियों का आगमन: दांपत्य जीवन के पुराने मतभेद सुलझेंगे और घर में शांति का वास होगा। नया व्यापारिक प्रतिष्ठान शुरू करने के रास्ते खुलेंगे।
व्यावहारिक सलाह: शनिवार और मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करें और वाणी में मधुरता रखें।
4. वृश्चिक राशि — स्वामी मंगल की कृपा, रोगों से मुक्ति और नई संपत्ति का सुख
वृश्चिक राशि के स्वामी भी मंगल देव हैं, जिससे बजरंगबली का साक्षात सुरक्षा कवच आप पर बना रहेगा।
दुखों का अंत: लंबे समय से चल रही शारीरिक व्याधियां, पुरानी चोट या असाध्य बीमारियों से राहत मिलेगी। जमीन-जायदाद से जुड़े पुराने विवाद आपके पक्ष में सुलझेंगे, जिससे बड़ा वित्तीय लाभ होगा।
खुशियों का आगमन: चारों दिशाओं से धन का आगमन होने से बैंक बैलेंस में भारी उछाल आएगा। मनचाही कंपनी से नई जॉब का ऑफर मिल सकता है।
व्यावहारिक सलाह: अपने गुस्से पर काबू रखें और जरूरतमंदों को मीठी बूंदी या फल बांटें।
5. कुंभ राशि — शनि की पीड़ा से मुक्ति, बंद भाग्य का ताला और विदेश लाभ
कुंभ राशि पर बजरंगबली की असीम कृपा से शनि के कारण आ रही सभी अड़चनें भस्म हो जाएंगी।
दुखों का अंत: जो काम पिछले 3-4 सालों से लगातार बनते-बनते बिगड़ रहे थे, वे अब बिना किसी रुकावट के पूरे होंगे। विदेश यात्रा, एक्सपोर्ट-इंपोर्ट या मल्टीनेशनल कंपनियों से जुड़े कार्यों में आ रही दिक्कतें समाप्त होंगी।
खुशियों का आगमन: कंगाली और दरिद्रता का साया हमेशा के लिए छंट जाएगा। आपकी तिजोरी हमेशा धन-धान्य से परिपूर्ण रहेगी।
व्यावहारिक सलाह: अनैतिक कार्यों और नशे से पूरी तरह दूर रहें तथा प्रतिदिन 'श्री राम' नाम का जाप करें।
बजरंगबली को प्रसन्न कर हर संकट से मुक्ति पाने के 3 अचूक शास्त्रीय उपाय
सावन के पावन काल में संकटमोचन हनुमान जी का आशीर्वाद पाने और जीवन से हर अमंगल को मिटाने के लिए ये सिद्ध उपाय तुरंत शुरू करें:
चमेली के तेल का दीपक और सिंदूर अर्पण: मंगलवार और शनिवार की शाम को हनुमान मंदिर में जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं, उन्हें लाल सिंदूर और मीठा पान अर्पित करें। वहीं बैठकर शांत चित्त से 3 बार 'हनुमान चालीसा' या 'संकटमोचन हनुमानाष्टक' का पाठ करें।
तुलसी दल पर राम नाम और माला अर्पण: हनुमान जी को तुलसी पत्र अत्यंत प्रिय हैं। तुलसी के 11 या 21 पत्तों पर पीले चंदन से 'श्री राम' लिखकर उसकी माला बनाएं और बजरंगबली को पहनाएं। इससे घोर से घोर दरिद्रता और संकट तुरंत भस्म होते हैं।
गुड़-चने का भोग और वानर/श्वान सेवा: मंगलवार को हनुमान जी को गुड़ और भुने हुए चने का भोग लगाएं और इसे गरीबों में वितरित करें। इसके साथ ही बंदरों को केले/चने और कुत्तों को ताजी रोटी खिलाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. बजरंगबली की कृपा से बरसों पुराने दुख दूर होने के प्राथमिक संकेत क्या हैं? Ans. जब हनुमान जी की कृपा होती है, तो मन से अकारण का डर और नकारात्मकता समाप्त हो जाती है, रुके हुए वित्तीय काम अचानक गति पकड़ लेते हैं, परिवार में चल रहे झगड़े शांत होते हैं और शत्रुओं का प्रभाव पूरी तरह निष्प्रभावी हो जाता है।
Q2. इस पावन अवधि के दौरान भक्तों को किन नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए? Ans. हनुमान जी का आशीर्वाद बनाए रखने के लिए पूरी तरह ब्रह्मचर्य और सात्विकता का पालन करें, मांस-मदिरा से दूर रहें, किसी कमजोर या बेसहारा का अपमान न करें और प्रतिदिन 'राम' नाम का स्मरण करें।
Comment Box में 'जय बजरंगबली' या 'जय श्री राम' जरूर लिखें, संकटमोचन हनुमान जी आपके सभी कष्टों को हरकर घर-आंगन में अपार खुशियां और समृद्धि लाएंगे!
अस्वीकरण (Disclaimer)
नोट: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं, पंचांग, सामान्य मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। हर व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति, महादशा, अंतर्दशा और वर्तमान गोचर का प्रभाव अलग हो सकता है, इसलिए किसी भी नतीजे पर पहुंचने या कोई भी बड़ा वित्तीय व व्यावहारिक निर्णय लेने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ या योग्य ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।
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