3 Leaves Reduced Blood Sugar: डायबिटीज ऐसी बीमारी है जो शरीर को अंदर से खोखला कर देती है. शिथिल लाइफस्टाइल और गलत खान-पान की वजह से यह बीमारी होती है. खून में शुगर का लेवल यानी रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है. एनसीबीआई की एक रिसर्च में दावा किया गया है कि कुछ औषधीय पत्तों को अगर चबाया जाए तो ब्लड शुगर कम हो जाता है.
हाइलाइट्स
एनसीबीआई की रिसर्च के मुताबिक शरीफा के पत्तों में एंटी-डायबेटिक गुण होता है.
नीम के पत्ते डायबिटीज को भी कंट्रोल कर सकते हैं.
How to Control Blood Sugar Spike: एनसीबीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया की 5 प्रतिशत आबादी डायबिटीज से पीड़ित है. डायबिटीज बहुत ही जटिल स्थिति है जिसमें हार्ट, बीपी, किडनी, आंख आदि से संबंधित बीमारियां लग जाती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक विश्व में करीब 42.2 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं. इसके साथ ही करीब 15 लाख लोगों की मौत हर साल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से डायबिटीज के कारण होती है. भारत की स्थिति तो इस मामले में बहुत ही खराब है.वर्तमान में करीब 8 करोड़ लोगों को डायबिटीज है और अनुमान के तहत 2045 तक भारत में 13 करोड़ से ज्यादा लोग डायबेटिक होंगे. इसलिए भारत को कैपिटल ऑफ डायबिटीज कहा जाने लगा है.
हम सब जानते हैं कि डायबिटीज लाइफस्टाइल से संबंधित बीमारी है और इस स्थिति में खून में शुगर का लेवल यानी रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है. लेकिन अगर लाइफस्टाइल को ठीक कर लिया जाए तो इससे ब्लड शुगर का खात्म किया जा सकता है. एनसीबीआई की एक रिसर्च में दावा किया गया है कि अगर कुछ औषधीय पत्तों को चबाया जाए तो इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाकर ब्लड शुगर को कंट्रोल किय जा सकता है.
ये हैं 3 कारामाती पत्तियां
1.एलोवेरा के पत्ते-एलोवेरा को भारत में शायद ही कोई ऐसा होगा जो नहीं जानता होगा. भारत में एलोवेरा को विशिष्ट औषधीय पौंधा माना जाता है. अब एनसीबीआई यानी अमेरिकी नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन की एक रिसर्च में भी इसे साबित किया गया है. एनसीबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक एलोवेरा में हाइपोग्लासेमिक गुण है. यानी यह रक्त शर्करा को कम करने की क्षमता रखता है. एलोवेरा के पत्तों को सुबह खाली पेट खाने से इंसुलिन का उत्पादन बढ़ सकता है जिससे ब्लड शुगर अपने आप कंट्रोल हो सकता है.
2. शरीफा के पत्ते-(Annona squamosa)-शरीफा बेहद स्वादिष्ट फल है लेकिन इसके पत्ते भी कम कमाल के नहीं हैं. एनसीबीआई की रिसर्च के मुताबिक शरीफा के पत्तों में एंटी-डायबेटिक गुण होता है. शरीफा के पत्तों में फोटोकंस्टीट्यूटेंट गुण मौजूद होते हैं जिसके कारण यह पैंक्रियाज में इंसुलिन की मात्रा को बढ़ाने में मदद करता है. इसके साथ ही यह हाइपोग्लाइसेमिक क्षमता के साथ ब्लड शुगर को कम करता है.
3.नीम के पत्ते-(Azadirachta indica)-नीम को आमतौर पर लोग एंटी-फंगल, एंटी-बैक्टीरियल गुणों के रूप में जानते हैं लेकिन एनसीबीआई की रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि नीम के पत्ते डायबिटीज को भी कंट्रोल कर सकते हैं. नीम के पत्तों को सुबह-सुबह चबाने से खून में शुगर की मात्रा नहीं बढ़ती है और पैंक्रियाज अपना काम सही से करती है जिसके कारण इंसुलिन का उत्पादन सहज प्रक्रिया से हो पाता है. नीम के पत्तों में कई ऐसे कंपाउंड पाए गए हैं जिनसे ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है.
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