दोस्तों, कुछ घटनाएँ ऐसी होती हैं जिन्हें सुनकर लगता है कि ये सच में कैसे हो सकता है? लेकिन इंग्लैंड में 2001 में दो लड़कियों के साथ जो हुआ, वो ऐसी ही एक अजीब और हैरान कर देने वाली घटना है।
2001 में इंग्लैंड की 10 साल की एक लड़की थी, लौरा बक्सटन। उसके दादा-दादी की शादी की 50वीं सालगिरह थी। पार्टी में बहुत सारे गुब्बारे लगे हुए थे। तभी लौरा के दादा ने मज़ाक में सुझाव दिया कि वह एक गुब्बारे के साथ अपना नाम और पता लिखकर छोड़ दे। लौरा ने एक गुब्बारे पर नोट बांधा, जिस पर लिखा था, “Please return to Laura Buxton”, यानी “कृपया इसे लौरा बक्सटन के पास वापस पहुंचा दें।” साथ में उसने अपना पता भी लिख दिया और गुब्बारा आसमान में छोड़ दिया।
अब असली हैरानी इसके बाद शुरू हुई। कुछ दिनों बाद, करीब 140 मील यानी लगभग 225 किलोमीटर दूर, एक किसान को खेत/झाड़ी में वह गुब्बारा मिला। किसान नोट देखकर हैरान रह गया, क्योंकि उसकी पड़ोस में रहने वाली एक बच्ची का नाम भी लौरा बक्सटन था। उसने वह गुब्बारा उस परिवार तक पहुंचा दिया।
यानी जिस लौरा ने गुब्बारा छोड़ा था, वह तो सैकड़ों किलोमीटर दूर थी, लेकिन वह गुब्बारा आखिरकार एक ऐसी लड़की के पास पहुंचा जिसका नाम भी बिल्कुल वही था, लौरा बक्सटन!
दोनों परिवारों ने जब संपर्क किया तो पहले उन्हें भी यकीन नहीं हुआ। लेकिन जब दोनों लड़कियां पहली बार मिलीं, तो कहानी और भी अजीब हो गई।
दोनों लड़कियां लगभग एक ही उम्र की थीं। दोनों की लंबाई भी बिल्कुल एक जैसी थी, करीब 4 फीट 7 इंच। दोनों के बाल भूरे और आंखें नीली थीं। दोनों एक ही स्कूल ईयर में पढ़ रही थीं।
लेकिन सबसे मज़ेदार बात तो पहली मुलाकात के दिन हुई। दोनों ने बिना एक-दूसरे को बताए लगभग एक जैसे कपड़े पहन रखे थे, पिंक टॉप/स्वेटर और नीली जींस!
अब सोचिए, नाम एक, उम्र लगभग एक, लंबाई एक, आंखों और बालों का रंग एक और ऊपर से कपड़े भी लगभग एक जैसे!
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
दोनों लड़कियों के पास पालतू जानवर भी लगभग बिल्कुल एक जैसे थे। दोनों के पास एक ही उम्र की ब्लैक लैब्राडोर मादा कुतिया थी। दोनों के पास ग्रे रंग के खरगोश थे और दोनों के पास गिनी पिग भी थे। यहां तक कि उनके गिनी पिग के शरीर पर भी मिलते-जुलते निशान थे। दोनों अपने-अपने गिनी पिग को पहली मुलाकात में साथ लेकर आई थीं।
सबसे खास बात ये थी कि दोनों परिवार पहले कभी एक-दूसरे से मिले तक नहीं थे और न ही दोनों लड़कियां एक-दूसरे को जानती थीं। फिर भी इतनी सारी चीजें एक जैसी निकलती चली गईं।
बाद में दोनों लौरा अच्छी दोस्त बन गईं और कई सालों तक एक-दूसरे से मिलती रहीं।
अब सवाल ये है, क्या ये सिर्फ एक बेहद दुर्लभ कोइंसिडेंस था? बिल्कुल संभव है। क्योंकि अलग-अलग घटनाएं अपने आप में इतनी असंभव नहीं हैं, लेकिन जब इतनी सारी समान चीजें एक ही कहानी में एक साथ दिखाई दें, तो मामला सच में हैरान कर देता है।
इसी वजह से “दो लौरा बक्सटन” की ये कहानी इंटरनेट पर सबसे मशहूर और अजीब संयोगों वाली कहानियों में गिनी जाती है।
कभी-कभी दुनिया में ऐसी चीजें हो जाती हैं जिनके लिए हमें किसी रहस्यमय ताकत की जरूरत नहीं होती, सिर्फ किस्मत और संयोग ही काफी होते हैं। लेकिन फिर भी, सोचिए, अगर आपके नाम का एक गुब्बारा 225 किलोमीटर दूर जाकर गिरे और वहां रहने वाली लड़की का नाम भी बिल्कुल आपके जैसा निकले, तो आपको कैसा लगेगा? 😳
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