12 साल के अकाउंटेंट का पासवर्ड चुराकर नई एम्प्लॉयी ने किया फ्रॉड, पुलिस को मिले ऐसे सुराग कि रह गए हैरान


 अहमदाबाद के निकोल इलाके में रहने वाले 45 वर्षीय रमेश भाई पिछले 12 सालों से एक प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट थे। 9 अगस्त 2026 की सुबह, जब वह ऑफिस पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि कंपनी के बैंक खाते से 50 लाख रुपये गायब हैं।


रमेश भाई ने तुरंत अपने मैनेजर को इस बारे में बताया। जब मैनेजर ने ऑडिट किया, तो पता चला कि पैसे 8 अगस्त 2026 की रात को ट्रांसफर किए गए थे और वह ट्रांसफर रमेश भाई के यूजर आईडी से किया गया था।


रमेश भाई ने पुलिस को बताया, "मैं 8 अगस्त को रात 8 बजे ऑफिस से घर चला गया था। मुझे नहीं पता कि मेरे यूजर आईडी से यह ट्रांसफर कैसे हुआ। किसी ने मेरा पासवर्ड चुरा लिया होगा।"


पुलिस ने शुरू की जांच, मिले चौंकाने वाले सबूत

पुलिस ने मामला दर्ज किया और तुरंत जांच शुरू की। साइबर सेल ने जब कंपनी के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो पता चला कि 8 अगस्त की रात करीब 10 बजे, एक युवती ऑफिस में घुसी और रमेश भाई के कंप्यूटर पर बैठी।


पुलिस ने फुटेज में उस युवती की पहचान प्रिया शाह (28) के रूप में की, जो रमेश भाई की सहकर्मी थी और कंपनी में सिर्फ 3 महीने पहले जॉइन हुई थी।


 छिपा था बड़ा राज

पुलिस ने जब प्रिया से पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसने रमेश भाई का पासवर्ड चुराया था। प्रिया ने बताया, "मैंने कंपनी के बारे में जानकारी जुटा ली थी। मुझे पता था कि रमेश भाई अपना पासवर्ड कहाँ लिखकर रखते हैं। मैंने रात को चुपके से ऑफिस में घुसकर पैसे ट्रांसफर कर दिए।"


लेकिन पुलिस को इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। प्रिया ने पुलिस को बताया कि वह अकेले नहीं थी, बल्कि कंपनी के एक सीनियर मैनेजर राजेश पटेल के कहने पर यह सब किया था।


प्रिया ने बताया, "राजेश ने मुझसे कहा था कि अगर मैंने पैसे ट्रांसफर करने में उसकी मदद की, तो वह मुझे 10 लाख रुपये देगा और कंपनी में मेरी पदोन्नति करवाएगा। मैं नौकरी के चक्कर में उसके झांसे में आ गई।"


बड़ा खुलासा - साजिश थी कंपनी के मालिक को बर्बाद करने की

पुलिस ने जब राजेश पटेल से पूछताछ की, तो एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। राजेश ने बताया कि कंपनी के मालिक हरेश भाई ने उसे 6 महीने पहले नौकरी से निकाल दिया था और उसे बहुत अपमानित किया था। उसने बदला लेने के लिए यह साजिश रची।


राजेश ने बताया, "मैं 10 साल से कंपनी के लिए काम कर रहा था, लेकिन हरेश ने मुझे बिना किसी वजह के निकाल दिया। मैंने सोचा कि अगर मैं कंपनी को बर्बाद कर दूँगा, तो बदला मिल जाएगा। मैंने प्रिया को इस काम के लिए चुना क्योंकि वह नई थी और पैसे के लिए कुछ भी कर सकती थी।"


कानूनी कार्रवाई

अहमदाबाद पुलिस ने प्रिया शाह और राजेश पटेल को साइबर धोखाधड़ी, बैंक फ्रॉड और साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि क्या इस साजिश में कंपनी का और कोई कर्मचारी शामिल तो नहीं था।


रमेश भाई को पूरी तरह बेकसूर पाया गया है और कंपनी ने उनके साथ किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया है।

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