ये कोई साधारण घास नहीं, इसमें छुपे हैं कई औषधि गुण, जॉन्डिस और किडनी के लिए रामबाण, आंखों में भी कारगर

आयुर्वेद के क्षेत्र में 15 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले और वर्तमान में मोहनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में कार्यरत डॉ. रंजन कुमार ने बताया कि पुनर्नवा एक देसी पौधा है जो अपने कई औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है.

 प्रकृति ने हमें कई ऐसे अनमोल उपहार दिए हैं जो बेहद फायदेमंद हैं. आज हम आपको एक ऐसे पौधे से परिचित कराना चाहते हैं जिसके कई ऐसे गुण हैं जिनके बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे. एक बार जब आप इसके औषधीय लाभों के बारे में जान जाएंगे, तो आप इस पौधे का उपयोग करके अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं. पुनर्नवा व गढ़पूर्णा के नाम से मशहूर इस पौधे में कई औषधीय गुण छिपे हुए हैं. इसके पत्ते को सेवन करने से आंख की रोशनी से संबंधित समस्या, जॉन्डिस की बीमारी से संबंधित समस्या, किडनी से रिलेटेड बीमारी की समस्यों से निजात मिलती है.

आयुर्वेद के क्षेत्र में 15 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले और वर्तमान में मोहनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में कार्यरत डॉ. रंजन कुमार ने बताया कि पुनर्नवा एक देसी पौधा है जो अपने कई औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है. उल्लेखनीय है कि इस पौधे में गर्मियों में सूखने और बरसात में फिर से उगने की अनोखी क्षमता होती है, इसलिए इसका नाम ‘पुनर्नवा’ है. इसके अलावा, पुनर्नवा कई तरह के स्वास्थ्य लाभ भी देता है. उन्होंने कहा कि देश में किडनी की समस्या से पीड़ित कई रोगियों के लिए डायलिसिस अक्सर जीवित रहने के लिए आवश्यक होता है.

कई बीमारियों में कारगरहालांकि, विशेषज्ञों का सुझाव है कि पुनर्नवा किडनी की बीमारियों के लिए एक अत्यधिक प्रभावी उपचार हो सकता है. शोध ने किडनी रोगियों के लिए पुनर्नवा के सेवन के संभावित लाभों को भी प्रदर्शित किया है. आयुर्वेदिक उपचारों से पता चलता है कि पुनर्नवा की जड़ का काढ़ा पीने से आंखों की समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है, जबकि पुनर्नवा के पत्तों के रस और शहद का मिश्रण आंखों में लगाने से मोतियाबिंद जैसी पुरानी आंखों की बीमारियों को ठीक करने में मदद मिल सकती है. पुनर्नवा का सेवन करने से कई अन्य आंखों की बीमारियों से भी राहत मिलती है. इसके अलावा, डॉक्टर ने बताया कि पुनर्नवा जौंडिस जैसी बीमारी को भी ठीक कर सकता है.

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