पूरा मामला वर्कला के पास नगरूर इलाके का है। दरअसल, अनिल कुमार ने अपनी बेटी के लिए सुधीश से रिश्ता करने से पहले ही मना कर दिया था। इस बात से सुधीश इतना बौखला गया कि उसने बदला लेने के लिए एक बेहद खतरनाक साजिश रची। उसने अनिल कुमार को नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक सुनसान जगह पर बने निर्माणाधीन मकान में बुलाया। अनिल जैसे ही वहां पहुंचे, आरोपियों ने हथियारों के बल पर उन्हें और बाद में उनके बेटे को भी पकड़ लिया।
इसके बाद दोनों पिता-पुत्र को एक साउंडप्रूफ कमरे (Soundproof room) में ले जाया गया, जहां उन्हें लोहे की भारी जंजीरों से बांध दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने बेरहमी से उनकी पिटाई शुरू कर दी। पिटाई इतनी जघन्य थी कि अनिल कुमार का हाथ बुरी तरह टूट गया, जबकि उनके बेटे की उंगलियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। सिर्फ पिटाई से संतुष्ट न होकर, सुधीश ने पूरे परिवार को बम से उड़ाने की धमकी भी दी।
पुलिस को सूचना मिलने के बाद वहां तुरंत छापेमारी की गई। जब पुलिस ने उस साउंडप्रूफ कमरे में प्रवेश किया, तो वहां का खौफनाक नजारा देखकर वे भी सन्न रह गए। पुलिस ने पिता-पुत्र को किसी तरह जंजीरों से मुक्त कराया और मौके से देसी बम (country-made bombs) और कई अन्य हथियार बरामद किए।
फिलहाल, मुख्य आरोपी सुधीश सहित सभी पांचों आरोपी मौके से फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं, और यह देखना होगा कि ये दरिंदे कब कानून के कठघरे में खड़े होते हैं।
Post a Comment