वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, माता, मानसिक संतुलन और भावनाओं का कारक माना जाता है। चंद्रमा सबसे तेजी से गोचर करने वाले ग्रह हैं, जो लगभग सवा दो दिनों में अपनी राशि बदलते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज 24 जुलाई 2026 को चंद्रमा शुक्र की तुला राशि से निकलकर मंगल के आधिपत्य वाली वृश्चिक राशि में प्रवेश (गोचर) करने जा रहे हैं।
ज्योतिष शास्त्र में वृश्चिक राशि को चंद्रमा की 'नीच राशि' माना जाता है। नीच राशि में चंद्रमा के आते ही व्यक्ति का मन अशान्त, भ्रमित और उद्वेलित होने लगता है। इसके साथ ही आकाशमंडल में 'विष योग' और 'चंद्र-मंगल द्वंद्व प्रभाव' सक्रिय हो चुका है। इस नकारात्मक ग्रहीय फेरबदल के कारण 5 विशेष राशियों के लोग बड़ी मुश्किलों में फंस सकते हैं। इन जातकों को मानसिक तनाव, अचानक धन हानि, दफ्तर की गंदी राजनीति और स्वास्थ्य में गिरावट का सामना करना पड़ सकता है।
आइए जानते हैं कि चंद्रमा के वृश्चिक में जाने से आज किन 5 राशियों को अत्यधिक सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है:
सावधान! चंद्रमा का नीच राशि में प्रवेश इन 5 राशियों की बढ़ाएगा परेशानी
1. मेष राशि (Aries) — अचानक गुप्त संकट और वाहन दुर्घटना की आशंका
चंद्रमा आपकी राशि से अष्टम (आयु व गुप्त संकट) भाव में गोचर करेंगे।
कहाँ बढ़ेगी परेशानी: वाहन चलाते समय लापरवाही बिल्कुल न बरतें, दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। कार्यक्षेत्र में अचानक कोई बना-बनाया काम अंतिम समय पर बिगड़ सकता है। गुप्त शत्रु आपके खिलाफ साजिश रच सकते हैं।
व्यावहारिक सलाह: आज किसी नए प्रोजेक्ट में पैसा न लगाएं और जोखिम भरे कामों से पूरी तरह दूर रहें।
2. वृषभ राशि (Taurus) — दांपत्य जीवन में तनाव और पार्टनरशिप में धोखा
चंद्रमा आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर करेंगे और आपकी ही राशि पर दृष्टि डालेंगे।
कहाँ बढ़ेगी परेशानी: जीवनसाथी के साथ किसी छोटी सी बात को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। यदि आप व्यापार में पार्टनरशिप में काम करते हैं, तो पैसों के लेन-देन को लेकर धोखा मिलने की आशंका है।
व्यावहारिक सलाह: बातचीत में संयम रखें और व्यापार में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें।
3. मिथुन राशि (Gemini) — शत्रुओं का दबाव, सेहत में गिरावट और कोर्ट-कचहरी
चंद्रमा आपकी राशि से छठे (रोग, ऋण व रिपु) भाव में गोचर करेंगे।
कहाँ बढ़ेगी परेशानी: पेट, माइग्रेन या मानसिक अवसाद (Depression) जैसी समस्याएं अचानक परेशान कर सकती हैं। दफ्तर में सहकर्मियों के साथ अनबन हो सकती है। पुराना कर्ज या उधारी चुकाने का दबाव बढ़ेगा।
व्यावहारिक सलाह: खान-पान पर नियंत्रण रखें, दफ्तर की राजनीति से दूर रहें और किसी से नया उधार लेने से बचें।
4. तुला राशि (Libra) — वाणी में कड़वाहट और तिजोरी खाली होने का डर
चंद्रमा आपकी राशि से द्वितीय (धन व वाणी) भाव में गोचर करेंगे।
कहाँ बढ़ेगी परेशानी: आपकी वाणी में अचानक तीखापन आ सकता है, जिससे बने-बनाये रिश्ते बिगड़ सकते हैं। अचानक घर या स्वास्थ्य पर बड़ा अप्रत्याशित खर्च आने से बजट बिगड़ सकता है।
व्यावहारिक सलाह: पैसों का लेन-देन सोच-समझकर करें और किसी भी पारिवारिक मामले में कड़वे शब्दों का इस्तेमाल न करें।
5. कुंभ राशि (Aquarius) — कार्यस्थल पर बॉस से मतभेद और मान-सम्मान पर आंच
चंद्रमा आपकी राशि से दशम (कर्म व करियर) भाव में गोचर करेंगे।
कहाँ बढ़ेगी परेशानी: दफ्तर में काम का भारी दबाव रहेगा। सीनियर्स या बॉस के साथ किसी बात को लेकर तीखी बहस हो सकती है, जिससे आपके पद और प्रतिष्ठा पर दबाव आ सकता है।
व्यावहारिक सलाह: दफ्तर में शांत रहकर अपना काम करें, बहसबाजी से बचें और जल्दबाजी में नौकरी छोड़ने जैसा निर्णय न लें।
नीच चंद्रमा के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के 3 अचूक उपाय
चंद्रमा के वृश्चिक राशि में रहने तक (अगले 48 घंटों में) अपनी रक्षा करने और मानसिक शांति पाने के लिए ये उपाय तुरंत करें:
शिवलिंग पर जलाभिषेक और दूध अर्पित करें: भगवान शिव चंद्रमा के स्वामी हैं। तांबे या चांदी के लोटे में शुद्ध जल भरकर उसमें थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाएं। इसे शिवलिंग पर अर्पित करते हुए 'ॐ नमः शिवाय' या 'ॐ सोमाय नमः' मंत्र का जाप करें।
चांदी के पात्र में जल पीना: मानसिक बेचैनी और भ्रम को दूर करने के लिए पूरे दिन चांदी के गिलास में जल पिएं। यदि संभव हो तो गले में चांदी की चेन या हाथ में चांदी का कड़ा पहनें।
सफेद वस्तुओं का दान: शाम के समय किसी गरीब या असहाय व्यक्ति को सफेद वस्तुएं जैसे दूध, चावल, चीनी या बताशे का दान करें। अपनी माता जी के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद जरूर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. वृश्चिक राशि में चंद्रमा के जाने पर मन अशांत और परेशान क्यों होने लगता है? Ans. ज्योतिष शास्त्र में वृश्चिक राशि जल तत्व और मंगल ग्रह के आधिपत्य वाली गुप्त राशि है। चंद्रमा मन का कारक है और वृश्चिक में वह नीच का हो जाता है। जब मन का कारक ग्रह नीच अवस्था में होता है, तो व्यक्ति अत्यधिक भावुक, शक्की, क्रोधी और मानसिक तनाव से घिरने लगता है।
Q2. प्रभावित 5 राशियों को गोचर अवधि के दौरान क्या मुख्य सावधानियां रखनी चाहिए? Ans. प्रभावित राशियों को भावुकता या गुस्से में आकर कोई भी बड़ा फैसला नहीं लेना चाहिए। नए वित्तीय सौदों को दो दिन के लिए टाल दें, वाहन धीरे चलाएं और घर या ऑफिस में किसी भी प्रकार की बहसबाजी से दूरी बनाकर रखें।
Comment Box में 'हर हर महादेव' या 'ॐ नमः शिवाय' जरूर लिखें, भगवान भोलेनाथ आपके मन को शांति देंगे और सभी संकट दूर करेंगे!
अस्वीकरण (Disclaimer)
नोट: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं, सामान्य मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। हर व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति, महादशा, अंतर्दशा और वर्तमान गोचर का प्रभाव अलग हो सकता है, इसलिए किसी भी नतीजे पर पहुंचने या कोई भी बड़ा वित्तीय व व्यावहारिक निर्णय लेने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ या योग्य ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।
Post a Comment