लो ब्लड प्रेशर (Low Blood Pressure) यानी 90/60 mmHg या उससे कम होने पर कुछ लोगों को चक्कर आना, कमजोरी, धुंधला दिखाई देना, ठंडा पसीना आना या बेहोशी जैसा महसूस हो सकता है। कई मामलों में यह सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि लक्षण गंभीर हों तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
ऐसी स्थिति में ये प्राथमिक उपाय मददगार हो सकते हैं।
1. पानी पिएं और यदि डॉक्टर ने मना न किया हो तो नमक वाला पेय लें
अगर व्यक्ति होश में है और पी सकता है, तो उसे एक-दो गिलास पानी पिलाएं।
यदि डॉक्टर ने पहले से नमक कम लेने की सलाह नहीं दी है, तो हल्का नमक-चीनी का घोल या ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) भी मदद कर सकता है।
ध्यान दें: जिन लोगों को किडनी रोग, हृदय रोग या हाई ब्लड प्रेशर है, वे बिना डॉक्टर की सलाह के अधिक नमक का सेवन न करें।
2. पैरों को थोड़ा ऊपर उठाकर लिटाएं
व्यक्ति को सीधा लिटाकर उसके पैरों को लगभग 20–30 सेंटीमीटर ऊपर रखें।
इससे मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह बेहतर हो सकता है और चक्कर या बेहोशी की स्थिति में राहत मिल सकती है।
3. यदि व्यक्ति सामान्य रूप से कैफीन लेता है, तो कॉफी या चाय ली जा सकती है
कुछ लोगों में कैफीन अस्थायी रूप से रक्तचाप बढ़ा सकता है।
हालांकि यह स्थायी इलाज नहीं है और हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव अलग हो सकता है। यदि व्यक्ति को हृदय संबंधी बीमारी है या डॉक्टर ने कैफीन से बचने को कहा है, तो यह उपाय न करें।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
इन स्थितियों में तुरंत अस्पताल जाएं या आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें:
- बार-बार बेहोशी आना
- सांस लेने में कठिनाई
- सीने में दर्द
- तेज या अनियमित धड़कन
- भ्रम, बोलने में परेशानी या कमजोरी
- लगातार बहुत कम ब्लड प्रेशर रहना
निष्कर्ष
लो बीपी को नजरअंदाज न करें। प्राथमिक उपाय केवल अस्थायी राहत दे सकते हैं। यदि समस्या बार-बार हो रही है या लक्षण गंभीर हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है ताकि वास्तविक कारण—जैसे डिहाइड्रेशन, संक्रमण, हार्मोन संबंधी समस्या, दवाओं का असर या हृदय रोग—का सही इलाज किया जा सके।
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
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