कब्र की खुदाई में मिला 2500 साल पुराना हेलमेट, देखकर चौंक गए साइंटिस्‍ट, जानें कहां का मामला?

क्रोएश‍िया में कब्र की खुदाई के दौरान पुरातत्‍वव‍िदों को 2500 साल पुराना हेलमेट मिला है. पुरातत्‍वव‍िदों का मानना है क‍ि शायद यह समुदाय के योद्धा या शासक की कब्र रही होगी.


धरती में इंसानी सभ्‍यता से जुड़े अनग‍िनत रहस्‍य छुपे हुए हैं, जब भी ये बाहर आते हैं, हमें चौंका देते हैं. ऐसा ही कुछ क्रोएश‍िया में हुआ है. यहां पुरातत्वविद एक कब्र की खुदाई कर रहे थे, तभी अंदर से एक काफी पुराना हेलमेट निकला, जिसे देखकर सब चौंक गए. पता चला क‍ि यह हेलमेट 2500 साल पुराना है और एक अलग ही धातु का बना हुआ है. इससे पहले इटली में भी वैज्ञान‍िकों को ग्रीक सभ्‍यता से जुड़े दो हेलमेट और एक दीवार मिली थी.

लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, ज़गरेब विश्वविद्यालय की एक टीम गोमाइल पुरातात्विक स्थल पर एक कब्र की खुदाई कर रही थी. तभी उन्‍हें पत्‍थर की एक संरचना नजर आई. खोलकर देखा तो यह हेलमेट के आकार का दिख रहा था. बाद में पता चला क‍ि यह छठी शताब्दी ईसा पूर्व के अंत और चौथी शताब्दी ईसा पूर्व की शुरुआत के बीच का हेलमेट है.

प्रत्येक कब्र में कई शव दफनाए गए
विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और शोध टीम के प्रमुख ह्रवोजे पोट्रेबिका ने कहा, गोमाइल की साइट पर कई कब्र हैं, जिनके अंदर इंसानी सभ्‍यता की तमाम जानकार‍ियां छिपी हुई हैं. प्रत्येक टीले में कई कब्रें होती हैं और प्रत्येक कब्र में कई शव दफनाए गए हैं. प्राचीन यूनानी दस्‍तावेजों से पता चलता है क‍ि जिस वक्‍त ये हेलमेट इस्‍तेमाल किया जाता था, उसी वक्‍त यहां एक सभ्‍यता व‍िकस‍ित हुई थी. जिन्‍हें यूनानी लोग इलिय्रियन कहा करते थे. इलिय्रियन कई जनजात‍ियों और राज्‍यों में बंटे हुए थे. बाद में 229 और 168 ईसा पूर्व के दौरान रोमन शासकों ने उन पर कब्‍जा कर ल‍िया.

बिल्‍कुल सही स्‍थ‍ित‍ि में नजर आ रहा
पोट्रेबिका ने कहा, इतने दिन जमीन के नीचे दबे होने के बावजूद यह बिल्‍कुल सही स्‍थ‍ित‍ि में नजर आ रहा है. इसका ऊपरी आवरण एक पत्‍थर का बना हुआ है. हालांकि, इसका पत्‍थर कब्रों पर लगे पत्‍थर से बिल्‍कुल अलग है. इससे पता चलता है क‍ि शायद शवों के साथ इस हेलमेट को भी दफनाने की परंपरा थी. यह क‍िसी विशेष समुदाय का ह‍िस्‍सा रहा होगा. हो सकता है क‍ि पंथ के योद्धा या शासक की ये कब्र रही होगी.

दुश्मन में खौफ पैदा करने के ल‍िए काफी
पुरातत्व संग्रहालय के निदेशक डोमागोज पर्किक ने कहा, अगर इस हेलमेट का उपयोग युद्ध के दौरान क‍िया गया होगा, तो तय है क‍ि इससे दुश्‍मनों पर मनोवैज्ञान‍िक असर पड़ता होगा. क्‍योंक‍ि यह इतना मजबूत है क‍ि कोई इसे भेद नहीं सकता. निश्च‍ित तौर पर यह एक योद्धा का हेलमेट रहा होगा, जो उसके सिर पर रखा जाता होगा, ताक‍ि वह धूप में युद्ध कर सके. वह दुश्मन में खौफ पैदा करने के ल‍िए काफी था.

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