एसी का रहस्य
गर्मी का मौसम था। राज अपने परिवार के साथ एक नए किराए के घर में रहने आया था। घर बड़ा और सुंदर था, लेकिन एक बात अजीब थी—घर के मालिक ने ऊपर वाले कमरे का एसी कभी न चलाने की सलाह दी थी।
"वो एसी खराब है," मालिक ने कहा था।
एक रात बिजली चली गई। पूरा घर गर्मी से तप रहा था। तभी ऊपर वाले कमरे से एसी चलने की आवाज आने लगी।
"घूंऽऽ... घूंऽऽ..."
राज चौंक गया। बिजली तो गई हुई थी, फिर एसी कैसे चल रहा था?
वह धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़कर ऊपर गया। कमरे का दरवाजा बंद था। अंदर से ठंडी हवा बाहर आ रही थी।
राज ने दरवाजा खोला।
कमरा बर्फ की तरह ठंडा था।
एसी अपने आप चल रहा था।
अचानक एसी के डिस्प्ले पर अंक दिखाई दिए—
12:07
फिर बदलकर लिखा आया—
"मुझे बाहर निकालो..."
राज का गला सूख गया।
उसने तुरंत एसी का स्विच बंद कर दिया, लेकिन एसी चलता रहा।
फिर अंदर से किसी बच्चे के रोने की आवाज आई।
"मम्मी... मुझे ठंड लग रही है..."
राज डर गया और भागकर नीचे आ गया।
अगले दिन उसने पड़ोसियों से पूछा। तब उसे पता चला कि कई साल पहले इसी कमरे में एक छोटा बच्चा बंद हो गया था। गर्मी बहुत थी, इसलिए उसने एसी चालू कर दिया। लेकिन एसी में शॉर्ट सर्किट हुआ और बच्चे की मौत हो गई।
तब से हर साल उसी तारीख को रात 12:07 बजे एसी अपने आप चलने लगता था।
राज ने यह बात अपनी पत्नी को बताई, लेकिन उसे विश्वास नहीं हुआ।
उस रात दोनों ने मिलकर ऊपर वाले कमरे में कैमरा लगा दिया।
रात 12:07 बजे...
एसी अपने आप चालू हो गया।
कैमरे में एक छोटी सी परछाई दिखाई दी।
वह एसी के सामने खड़ी थी।
फिर अचानक स्क्रीन पर शब्द उभरे—
"मुझे घर जाना है..."
अगले ही पल कैमरा बंद हो गया।
कमरे का तापमान माइनस 5 डिग्री तक पहुंच गया।
अगली सुबह राज ने एक पुजारी को बुलाया। पूजा-पाठ के बाद कमरे की दीवार तोड़ी गई।
दीवार के अंदर से एक पुरानी खिलौना कार मिली, जो उसी बच्चे की थी।
उस खिलौने को उसके परिवार तक पहुंचाया गया और विधि-विधान से पूजा की गई।
उस रात के बाद एसी कभी अपने आप नहीं चला।
लेकिन आज भी जो लोग उस घर में रहते हैं, वे कहते हैं कि गर्मियों की कुछ रातों में एसी बंद होने के बावजूद कमरे में बर्फ जैसी ठंडी हवा महसूस होती है...
और कभी-कभी एसी के डिस्प्ले पर सिर्फ एक शब्द चमकता है—
"धन्यवाद..."
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