ब्यूटी पार्लर से बन-ठन और सज-धजकर सारी नारियां अक्ल वितरण केंद्र पहुंचीं तब ब्रह्माजी अपना सामान समेट कर निकलने की तैयारी में थे। उन्होंने जब सजी-संवरी नारियों का हुजूम देखा तो बोले, देवियों कहां रह गई थीं आप सब। सारी अक्ल तो पुरुष ले गए। अब तो अक्ल का स्टॉक खत्म हो गया है।
ब्रह्मा जी की बात सुनकर सभी नारियां शोर मचाने लगीं। चीखने लगीं। कुछ तो नारे भी लगाने लगीं। कुछ धरने पर बैठ गईं। नारियों की व्याकुलता देखकर ब्रह्मा जी ने किसी तरह उन्हें शांत कराया। फिर कुछ देर सोचने के बाद बोले, अक्ल तो मेरे पास बची नहीं है लेकिन आप सबों को कुछ ऐसी चीजें दूंगा जिससे कि आपके सामने पुरुषों की अक्ल गुम हो जाएगी और वे आपके खिलाफ अपनी अक्ल का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। आप सब लोग कल सुबह पांच बजे यहां आना। देर नहीं करना। मैं कल आपकी सारी शिकायत दूर कर दूंगा। और हां, अपने पतियों को इस बारे में मत बताना। ब्रह्मा जी के आश्वासन पर सभी नारियां लौट गईं।
दूसरे दिन सभी नारियां ठीक समय पर अक्ल वितरण केंद्र पहुंच गईं। उन्होंने देखा कि ब्रह्मा जी के सामने पांच बड़े-बड़े पात्र रखे हैं। एक पर सम्मोहन, दूसरे पर भ्रमजाल, तीसरे पर स्त्री हठ, चौथे पर त्रिया चरित्र और पांचवें पर बेवफाई लिखा है।
सभी नारियों को संबोधित करते हुए ब्रह्मा जी बोले, देवियों इन पांच चीजों के बल पर आप पृथ्वी के किसी भी पुरुष को अपने वश में कर सकती हैं। इनके सामने पुरुषों की अक्ल उनके काम नहीं आएगी और वे बिल्कुल अक्ल विहीन हो जाएंगे। मैं आपको इन पांचों के गुण बताता हूं।
सम्मोहन - चूंकि आप सजने-संवरने के चक्कर में अक्ल से वंचित रह गईं। इसलिए सजना-संवरना ही आपका सबसे बड़ा हथियार बनेगा। जब भी आप सज-धजकर किसी पुरुष के सामने जाएंगी, वे अपनी अक्ल का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे और आपके सम्मोहन में फंसकर रह जाएंगे।
भ्रम जाल - आपके पास ऐसी ताकत होगी कि आप पुरुषों को भ्रम जाल में उलझा सकेंगी। आपके इस जाल से बाहर निकलना किसी भी पुरुष के लिए आसान नहीं होगा।
स्त्री हठ- यह भी एक ख़तरनाक हथियार बनेगा। आपके हठ या जिद के सामने किसी की भी नहीं चलेगी।
त्रिया चरित्र - इसे तो आप ब्रह्मास्त्र की तरह शक्तिशाली मानिए। त्रिया चरित्र को खुद भगवान भी नहीं समझ पाते हैं तो इंसान की क्या औकात। वह आपके इस चरित्र को कभी भी समझ नहीं पाएंगे।
बेवफ़ाई - इसके लिए आप धरती पर बहुत नाम कमाएंगी। आपकी बेवफाई की मार इतनी गहरी होगी कि पुरुष पानी भी नहीं मान पाएंगे। वह न तो मर पाएंगे और न जी पाएंगे।
इतना बोलकर ब्रह्मा जी ने हर नारी को पांचों चीजें देने लगे। अंत में बोले, पृथ्वी पर जन्म लेने वाली हर नारी के पास ये पांच अनमोल चीजें होंगी और फिर उन्हें पुरुषों से कभी कम नहीं आंका जा सकेगा।
ब्रह्मा जी की बातें आज भी सही काम कर रही हैं। स्त्रियां जब भी इन पांच में से किसी एक चीज का भी इस्तेमाल कर लेती हैं तब पुरुष चारों खाने चित हो जाता है। उसकी बुद्धि भी उसके काम नहीं आती है।
लोककथाओं पर आधारित। स्वरचित और मौलिक।
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