मध्य प्रदेश के Gwalior से शादी के नाम पर ठगी और धोखाधड़ी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो नकली रिश्तों और झूठी कहानियों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये ऐंठता था। इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड अजय उर्फ सोनू चौहान बताया जा रहा है, जिसने अपनी ही पत्नी को “मुंहबोली बहन” और अनाथ लड़की बताकर दूसरे युवक से शादी करवा दी।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक रतन शर्मा जबलपुर के एक निजी अस्पताल में टीम लीडर के पद पर काम करता है। परिवार को अप्रैल महीने में एक परिचित के जरिए रिश्ता बताया गया। उन्हें कहा गया कि एक गरीब और अनाथ लड़की राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल की शादी करनी है और उसका भाई अजय चौहान उसकी जिम्मेदारी निभा रहा है। परिवार ने भरोसा किया, मुलाकात हुई और कुछ ही दिनों में रिश्ता तय कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि 27 अप्रैल को सगाई हुई और 7 मई को हिंदू रीति-रिवाज से शादी भी संपन्न हो गई। शादी, जेवर और अन्य रस्मों में पीड़ित परिवार ने करीब 6 लाख रुपये खर्च किए। इसके अलावा ब्यूटी पार्लर और दूसरी तैयारियों के नाम पर भी अतिरिक्त पैसे लिए गए।
लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद ही दुल्हन की गतिविधियों ने परिवार को शक में डाल दिया। वह लगातार मोबाइल पर किसी से छिपकर बात करती रहती थी। जब परिवार ने उसका फोन चेक किया, तो वॉट्सऐप चैट ने ऐसा राज खोल दिया जिसे देखकर सभी हैरान रह गए। जांच में पता चला कि अजय चौहान और राधा उर्फ दीक्षा पहले से पति-पत्नी हैं। दोनों ने साल 2024 में Agra के एक आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था और साथ रह रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खेल का मकसद शादी के बाद लड़के और उसके परिवार को दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा जैसे मामलों में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलना था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी अजय चौहान और उसकी पत्नी राधा उर्फ दीक्षा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार अन्य मामलों से भी जुड़े हो सकते हैं और आगे जांच में कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
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