नागा साधु हमेशा बिना कपड़े पहने ही रहते हैं, लेकिन आज हम आपको नागा साधुओं की कुछ ऐसी बातें बतायेंगे, जिन्हें सुनकर आप हैरान रह जाएँगे


आपको ये तो पता ही होगा कि नागा साधु हमेशा बिना कपड़े पहने ही रहते हैं, लेकिन आज हम आपको नागा साधुओं की कुछ ऐसी बातें बतायेंगे, जिन्हें सुनकर आप हैरान रह जाएँगे :

खाट, पलंग तो छोड़ो, नागा साधु गद्दी पर भी नहीं सो सकते, ये केवल ज़मीन पर सोते हैं।

जो व्यक्ति नागा साधु बनना चाहता है, उसके अखाड़े में प्रवेश के बाद उसके ब्रह्मचर्य की परीक्षा ली जाती है, इसमें 6 महीने से 12 साल तक लग सकते हैं।

नागा साधु बनते समय साधु को अखाड़े के ध्वज के नीचे 24 घंटे तक नंगा खड़ा रहना पड़ता है, उसके बाद वरिष्ठ नागा साधु लिंग की एक विशेष नस को खींचकर उसे नपुंसक कर देते हैं, इसके बाद वह नागा दिगंबर साधु बन जाता है।

ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ पुरुष ही नागा साधु बनते हैं, बल्कि महिलाएँ भी नागा साधु हैं, खासकर विदेशी महिलाएँ।

नागा साधु बनने के लिए सबसे पहले अपने बाल कटवाने पड़ते हैं, फिर गंगा में 108 डुबकी लगाते हैं, और उसके बाद ख़ुद को अपने परिवार और समाज के लिए मृत मानकर अपने हाथों से अपना श्राद्ध कर्म पूरा करना होता है, ये पिंडदान अखाड़े के पुरोहित करवाते हैं। 

नागा साधु की ट्रेनिंग किसी कमांडो से कम नहीं होती, नागा साधुओं को सिर्फ़ साधु नहीं बल्कि योद्धा माना गया है, अक्सर नागा साधु अपने साथ तलवार, फरसा या त्रिशूल लेकर चलते हैं।

अक्सर नागा साधुओं को कुंभ के मेले में देखा जाता है, जैसे ही कुंभ का मेला ख़त्म होता है, ये रातों रात ग़ायब हो जाते हैं, ये जंगल के रास्ते ही अपना सफ़र पूरा करते हैं।

नागा साधु को अपने पास चिमटा रखना ज़रूरी होता है, क्यूकि धूनी रमाते समय सबसे ज़्यादा काम चिमटे का ही पड़ता है।

क्या आपको जानते हैं कि प्ले स्टोर पर एक ऐसा ऐप है, जिसके ज़रिए आप कोई भी डॉक्यूमेंट घर बैठे बनवा सकते हैं, जैसे - राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, ड्राइबिग लाइसेंस और भी बहुत सारे, इस ऐप के ज़रिए आप बहुत सारी सरकारी योजनायों का फॉर्म भी भर सकते हैं, जैसे - फ्री आवास योजना, फ्री सिलाई मशीन योजना आदि, इस ऐप का नाम Dobser है, मैंने नीचे इस ऐप की लिंक दे रखी है, आप चाहें तो डाउनलोड करके देख सकते हैं।

0/Post a Comment/Comments