बवासीर के मस्से एक दिन में गायब? नारियल की जटा से लेकर छाछ तक – आयुर्वेद के 8 कमाल के उपाय, जानिए कैसे पाएं पक्का आराम!


 बवासीर एक ऐसी बीमारी है जो व्यक्ति को भारी पीड़ा देती है। यह तब होती है जब मलद्वार की शिराएं फूल जाती हैं और मटर के दाने जैसे मांस के अंकुर निकलने लगते हैं। आयुर्वेद में इसे 'अर्श' और आम भाषा में 'बवासीर' (पाइल्स) कहा जाता है। यह रोग दो प्रकार का होता है – बादी बवासीर और खूनी बवासीर।


बादी बवासीर: गुदा में पीड़ा, खुजली और सूजन होती है।


खूनी बवासीर: मस्सों से मल के टकराने पर रक्तस्राव होता है।


क्यों होती है बवासीर?

इसके प्रमुख कारणों में कब्ज, अपच, अत्यधिक शराब पीना, मिर्च-मसालेदार और तले-भुने खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन, मांस-मछली खाना, दिनभर बैठे रहना, व्यायाम न करना, धूम्रपान, रात को जागना और लिवर खराब होना शामिल हैं।


लक्षण क्या हैं?

मल सख्त और कम मात्रा में आना, गुदा में कांटे चुभने जैसा दर्द, जलन, खुजली, खून आना, ज्यादा रक्तस्राव होने पर शरीर का पीला पड़ना, कमजोरी, चक्कर आना और भूख न लगना।


खूनी बवासीर में: पहले मल के साथ खून लगता है, फिर टपकने लगता है और बाद में पिचकारी की तरह सिर्फ खून आने लगता है। शुरू में मस्सा अंदर होता है और मल त्यागने के बाद अपने आप अंदर चला जाता है, लेकिन पुराना होने पर हाथ से दबाने पर भी अंदर नहीं जाता।


बादी बवासीर में: पेट हमेशा खराब रहता है, कब्ज और गैस बनी रहती है। इसमें जलन, दर्द, खुजली और बेचैनी होती है। अगर मल कड़ा हो तो खून भी आ सकता है।


ध्यान देने वाली बात: अगर बवासीर बहुत पुरानी हो जाए तो यह भगंदर और आखिरी स्टेज में रेक्टम कैंसर (मलाशय का कैंसर) का रूप ले सकती है, जो जानलेवा होता है। लेकिन इन आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर आप राहत पा सकते हैं।


देसी नुस्खे (आयुर्वेदिक उपाय)

1. छाछ (लस्सी) –

बवासीर के मस्सों को दूर करने के लिए मट्ठा बहुत फायदेमंद है। 2 लीटर छाछ में 50 ग्राम पिसा जीरा और नमक मिलाकर प्यास लगने पर पिएं। 4 दिन में मस्से ठीक हो जाएंगे। रोज दही खाने से भी बवासीर का खतरा कम होता है।


2. त्रिफला –

रात को सोने से पहले 1-2 चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी से लें। इससे कब्ज दूर होती है और बवासीर में राहत मिलती है।


3. जीरा –

भुने जीरे को मिश्री के साथ चूसें या आधा चम्मच जीरा पाउडर एक गिलास पानी में डालकर पिएं। जीरा पीसकर मस्सों पर लगाने से भी फायदा होता है।


4. केला और कत्था –

पके केले को बीच से चीरकर उस पर पिसा हुआ कत्था बुरकें और रातभर खुली हवा में रख दें। सुबह खाली पेट इन टुकड़ों को खाएं। एक हफ्ते में कैसी भी बवासीर नष्ट हो जाती है।


5. अंजीर –

2 सूखे अंजीर रातभर गर्म पानी में भिगोकर रखें और सुबह खाली पेट खाएं।


6. हरीतकी (हरड़) –

आधा से एक चम्मच हरीतकी चूर्ण रात को गुनगुने पानी या गुड़ के साथ लें। इससे कब्ज दूर होती है और बवासीर में आराम मिलता है।


7. नारियल की जटा – (सबसे कारगर उपाय)

नारियल की जटा को माचिस से जलाकर राख बना लें। इस राख (भस्म) को शीशी में भरकर रखें। 3 ग्राम यह भस्म ताजी छाछ या दही (खट्टी न हो) के साथ दिन में तीन बार, सिर्फ एक दिन लें। कैसी भी पुरानी पाइल्स हो, एक दिन में ही ठीक हो जाती है।


8. आंवला –

आंवला पेट के लिए बहुत फायदेमंद है। आंवले के चूर्ण को सुबह-शाम शहद के साथ पीने से बवासीर में लाभ होता है।

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