75 दिन में ₹3.35 लाख पार जाएगा सोना? JP Morgan ने दिया $6300 का टारगेट, AI फोरकास्ट ने उड़ाए होश!


सोने (Gold) के निवेशकों के लिए साल 2026 का फरवरी महीना किसी 'रोलर-कोस्टर राइड' से कम नहीं साबित हो रहा है। जहाँ एक ओर भारी गिरावट ने लोगों को डरा दिया था, वहीं अब दुनिया की दिग्गज ब्रोकरेज फर्म JP Morgan और AI मॉडल्स के नए दावों ने बाजार में खलबली मचा दी है।

क्या सच में सोना अगले 75 दिनों में ₹3.35 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर जाएगा? आइए जानते हैं जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट और उन 3 बड़े कारणों के बारे में जो सोने को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकते हैं।


गिरावट के बाद जोरदार वापसी: ताज़ा स्थिति

30 जनवरी 2026 को सोने ने 1983 के बाद की सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट (करीब 10%) देखी थी। लेकिन 3 फरवरी को बाजार ने फिर करवट बदली और ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमत 4,962 डॉलर के पार पहुँच गई।

स्थितितारीखकीमत (प्रति औंस)
ऑल-टाइम हाई29 जनवरी 2026$5,594.82
महा-गिरावट30 जनवरी 2026$4,708.19 (9.8% गिरावट)
ताज़ा रेट (आज)4 फरवरी 2026$4,962+ (तेजी जारी)

JP Morgan का दावा: $6300 का नया टारगेट

बड़ी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने सोने को लेकर लॉन्ग-टर्म प्रेडिक्शन जारी किया है। उनके अनुसार, सोने की चमक अभी फीकी नहीं पड़ी है:

  • टारगेट प्राइस: जेपी मॉर्गन के अनुसार, 2026 के अंत तक सोना $6,300 प्रति औंस (भारतीय मुद्रा में करीब ₹2,00,689 प्रति 10 ग्राम) तक पहुँच सकता है।

  • केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए साल 2026 में 800 टन सोना खरीद सकते हैं।

  • असली संपत्ति की मांग: कागजी निवेश (Paper Assets) की तुलना में 'रियल एसेट्स' जैसे सोने पर निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।


AI मॉडल की चौंकाने वाली भविष्यवाणी: ₹3.35 लाख का स्तर?

जेपी मॉर्गन से भी ज्यादा हैरान करने वाला अनुमान एक AI प्राइस फोरकास्ट मॉडल ने दिया है। इस मॉडल के अनुसार:

  1. अप्रैल 2026 का लक्ष्य: अप्रैल तक सोना $10,527 प्रति औंस तक जा सकता है, जो भारतीय रुपयों में ₹3,35,342 प्रति 10 ग्राम के बराबर है।

  2. दिसंबर 2026 का अनुमान: साल के अंत तक यह कीमतें और भी ऊपर जाकर $19,733 के स्तर को छू सकती हैं।

विशेषज्ञों की राय: हालांकि एआई मॉडल के आंकड़े बहुत ज्यादा लग सकते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल अनिश्चितता और भारी मांग को देखते हुए सोने की लंबी दौड़ अभी बाकी है।


सोना महंगा होने की 3 मुख्य वजहें

  • सेंट्रल बैंक की मांग: भारत और चीन समेत कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं।

  • आर्थिक अस्थिरता: जब भी शेयर बाजार या करेंसी में अस्थिरता आती है, निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर भागते हैं।

  • सीमित सप्लाई: सोने का उत्पादन उस गति से नहीं बढ़ रहा है जिस गति से इसकी मांग दुनिया भर में बढ़ रही है।


अगर आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो मौजूदा गिरावट खरीदारी का एक बड़ा अवसर हो सकती है। हालांकि, बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, इसलिए निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख समाचार रिपोर्टों और ब्रोकरेज फर्मों के अनुमानों पर आधारित है। www.sabkuchgyan.com किसी भी निवेश के लिए जिम्मेदार नहीं है। सोने की कीमतें बाजार जोखिमों के अधीन हैं।

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