भूकंप के तेज झटकों से सहम गए दिल्ली-NCR वाले, नेपाल में था केंद्र, 25 मिनट में 4 बार हिली धरती


 दिल्ली-एनसीआर में बहुत तेज भूकंप के झटके लगे हैं. ये झटके काफी देर तक लगते रहे. पूरे उत्तर भारत में भूकंप के झटके लगे हैं. भूकंप का केंद्र नेपाल था. मंगलवार दोपहर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 और 6.2 रही. 2 बजकर 53 मिनट पर ये भूकंप आया. भूकंप के झटके लगते ही लोग घरों और दफ्तरों से बाहर आने लगे. उत्तराखंड में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. टीवी 9 से सिस्मोलॉजी विभाग के डायरेक्टर ओ पी मिश्रा ने कहा कि नेपाल में भूकंप का केंद्र वहीं रहा, जहां 2022 में आया था. भूकंप के बाद ऑफ्टरशॉक भी आ सकते हैं.

भूकंप आने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया निर्माण भवन से बाहर निकले गए. रुद्रप्रयाग में 2 बजकर 51 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. चंपावत जिले के नेपाल सीमा से लगे तराई क्षेत्रों में तीव्र भूकंप के झटके महसूस किए गए. लगातार 10 से 15 सेकंड तक झटके महसूस किए गए. भूकंप के चलते लोग अपने घरों से बाहर निकले.

चंडीगढ़ और मोहाली में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप विभाग का कहना है कि दूसरी बार में डेप्थ कम रही, वरना इससे बड़ा नुकसान हो सकता था. झटके 45 सेकंड तक महसूस किए गए. पहले भूकंप में तीव्रता 4.6 रही और गहराई 10 किलोमीटर थी. 25 सेकंड बाद 6.2 तीव्रता रही और डेप्थ 5 किलोमीटर रही.

ये देखना में आया है कि पिछले कुछ समय से भूकंप के झटके लगातार महसूस हो रहे हैं. हालांकि तीव्रता इतनी ज्यादा नहीं रही. हाल ही में मोरक्को में भयंकर भूकंप आया था, जिसमें 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.

उससे पहले तुर्की और सीरिया में भीषण भूकंप आया, जिसमें 60 हजार के करीब लोगों की मौत हो गई. तुर्की में भूकंप की भविष्यवाणी की गई थी. जिस वैज्ञानिक ने उस भूकंप की भविष्यवाणी की उसी ने अब पाकिस्तान में खतरनाक भूकंप की बात कही है. डच वैज्ञानिक हूगरबीट्स ने पाकिस्तान में भूकंप की भविष्यवाणी की है. उनका कहना है कि पाकिस्तान में भी तुर्की और मोरक्को जैसे झटके लग सकते हैं.

सोमवार को मेघालय और आस-पास के राज्यों में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया था. हालांकि भूकंप के कारण किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली. भूकंप के झटका आस-पास के राज्यों जैसे असम और पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से और सिक्किम में भी महसूस किए गए. पूर्वोत्तर राज्य उच्च भूकंपीय क्षेत्र में आते हैं और यहां अक्सर भूकंप आते हैं.


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