रविवार शाम गुजरात के मोरबी में सदियों पुराना केबल पुल टूटने से 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. अब तक 150 से अधिक लोगों को बाहर निकाला जा चूका है.
इस दुखद घटना के बाद पीएम मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने कई कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है.
इन सब के बीच सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
इस वीडियो में को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि चुनाव से पहले पुल का टूटना यह दर्शाता कि आपने कैसी सरकार चलाई है.
पीएम यह भी कहते हैं कि पुल का टूटना ‘एक्ट ऑफ़ गॉड नहीं है एक्ट ऑफ़ फ्रॉड है.
यह वीडियो साल 2016 में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले का बताया जा रहा है.
पीएम मोदी पुल के गिरने की घटना को लेकर तब की पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी टीएमसी पर निशाना साध
रहे हैं.कांग्रेस के दिग्विजय सिंह, तेलंगाना राष्ट्र समिति के वाई. सतीश रेड्डी और समाजवादी पार्टी के मनोज सिंह सहित विपक्षी राजनेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का जिक्र किया है जिसमे उन्होंने कोलकाता में 2016 के फ्लाईओवर के ढहने को “धोखाधड़ी का कार्य” (Act of fraud) कहा था.
6 महीने से बंद पुल को 2 करोड़ की से हुई मरम्मत के बाद 25 अक्टूबर को खोला गया था.इस घटना के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर कई सवाल उठाए थे. उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि,
कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि, मोरबी पुल हादसे में गई अनगिनत जानों की दर्दनाक खबर ने पूरे देश का दिल दहला दिया है. सभी शोक संतप्त परिवारों को संवेदनाएं. यह प्राकृतिक हादसा नहीं, मानव निर्मित त्रासदी है. गुजरात की भाजपा सरकार इस जघन्य अपराध की सीधे सीधे दोषी है. PM और CM गुजराती भाई बहनों की ज़िंदगी की क़ीमत ₹2 लाख लगा कर अपनी जुम्मेवारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते. CM भुपेंद्र पटेल व मोरबी विधायक व मंत्री को बताना होगा -1. जब ये पुल 26 अक्टूबर को ही मुरम्मत के बाद खोला गया तो पुल कैसे गिर गया?
क्या ये सीधे अपराधिक षड्यंत्र नहीं?
2. भाजपा सरकार ने "फिटनेस सर्टिफिकेट" के बग़ैर पुल को जनता के इस्तेमाल के लिये खोलने की इजाज़त कैसे दी?
3. पुल की मुरम्मत का काम कंपनी/ट्रस्ट को कैसे दिया गया? क्या उनका BJP से कनेक्शन है?
4. क्या गुजरात के भाई-बहनों की क़ीमत केवल ₹2 लाख है?
क्या एक IAS भाजपा सरकार में रसूकदार पदों पर बैठे लोगों की आपराधिक भूमिका की जाँच कर सकता है?
5. CM, भुपेंद्र पटेल व स्थानीय मंत्री स्वयं हादसे की जुम्मेवारी कब लेंगे?
गुजरात आपको कभी माफ़ नहीं करेगा.
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