राजकुमार राव जन्मदिन: कभी 70 किलोमीटर साइकिल चलाकर राजकुमार जाते थे थिएटर, एक पैकेट बिस्कुट से भरते थे पेट

 बॉलीवुड के टैलेंट एक्टर राजकुमार राव ( Rajkumar Rao) आज 31 अगस्त को अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं. राजकुमार राव का जन्म 31 अगस्त, 1984 को गुड़गांव में हुआ था, राजकुमार राव शुरू से ही एक्टर बनना चाहते थे. आज वह बॉलीवुड में जाना माना नाम हैं. हालांकि, उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम कमाने के लिए कड़ी मेहनत की है. एक्टर अपने एक्टिंग के लिए अब तक कई पुरस्कार हासिल कर चुके है, न्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, तीन फिल्मफेयर पुरस्कार और एशिया पैसिफिक स्क्रीन अवार्ड सहित कई पुरस्कारों से नवाजा गया है. राजकुमार राव का नाम उन चुनिंदा सितारों में शुमार है, जिन्होंने न सिर्फ अपने दम पर अपनी लिए एक बड़ा मुकाम बनाया है, बल्कि ऑनस्क्रीन के साथ ही ऑफस्क्रीन भी वो दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब होते हैं. ऐसे में आज एक्टर के जन्मदिन पर जानें उनसे जुड़ी कुछ खास बातें.



क्या है राजकुमार का असली नाम

राजकुमार राव का जन्म 31 अगस्त 1984 को गुडगांव(गुरुग्राम) में हुआ था. ग्रेजुएशन के दौरान ही राजकुमार राव ने थिएटर ज्वाइन कर लिया था. कहा जाता है कि मनोज बाजपेयी से इंस्पायर होकर राजकुमार ने एक्टर बनने का फैसला किया था. बता दें कि राजकुमार राव का असली नाम राजकुमार यादव है, लेकिन 2014 में उन्होंने अपने नाम में राव और एक एक्सट्रा M जोड़ लिया था.नाम के लिए राजकुमार ने एक इंटरव्यू में कहा था- ‘राव और यादव, दोनों ही मेरे परिवार के नाम हैं.’ 

जब अकाउंट में थे महज 18 रुपये

दरअसल राजकुमार ने इस ीसाल इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2022 के दौरान अपनी जिंदगी से जुड़े कई सारे चौंकाने वाले खुलासे किए थे. राजकुमार राव ने बताया कि वह रोजाना गुरुग्राम से दिल्ली के बीच 70 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय करते थे, क्योंकि उन्हें एक्टर बनना था. राजकुमार राव ने बताया कि मुंबई आने पर उनके शुरुआती दो साल काफी मुश्किल भरे रहे। आर्थिक तंगी रही. ‘उस वक्त मेरे पास एक पार्लेजी का पैकेट हुआ करता था, जो मेरा लंच था, क्योंकि ज्यादा पैसे नहीं होते थे. एक समय ऐसा भी था जब मेरे बैंक अकाउंट में सिर्फ 18 रुपये थे. 

राजकुमार राव को ऐसे मिली पहली फिल्म LSD

बता दें कि राजकुमार जब मुंबई पहुंचे थे तब वह डायरेक्टर्स और कास्टिंग डायरेक्टर्स से मिलने लगे, जगह-जगह ऑडिशन देने लगे. ऐसे में जब उन्होंने डायरेक्टर दिबाकर बनर्जी का एड देखा जिसमें लिखा था कि उन्हें अपनी फिल्म के लिए एक एक्टर की तलाश है तो एक्टर सीधे उनके दफ्तर पहुंच गए. वहां उन्होंने अपना हुनर दिखाया, जिसे देख वह इम्प्रेस हुए और एक्टर को ‘लव सेक्स और धोखा’ ऑफर कर दी. ऐसे इन्हें अपनी पहली फिल्म मिल गई. फिर तो उन्होंने ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘काई पो चे’, ‘रागिनी एमएमएस’, ‘शाहिद’ जैसी झामफाड़ फिल्में दीं और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

0/Post a Comment/Comments