Lata Mangeshkar को अंतिम विदाई देने के लिए आंखों में आंसू लिए उमड़ा जनसैलाब, सड़कों पर छाया 'स्वर कोकिला' को खोने का दु:ख



देश के संगीत जगत की सबसे बड़ी हस्तियों में शुमार और कई पीढ़ियों तक अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरने वाली महान गायिका लता मंगेशकर का रविवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया, वह 92 वर्ष की थीं.

स्वर कोकिला को श्रद्धांजलि देने के लिए आंखों पर आंसू लिए लोग सड़कों पर नज़र आए. लोग सबकुछ छोड़कर उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए इकट्ठा हुए.

लता के पार्थिव शरीर को ब्रीच कैंडी अस्पताल से दोपहर करीब साढ़े बारह बजे दक्षिण मुंबई के पेडर रोड स्थित उनके प्रभु कुंज आवास ले जाया गया.

गया. इसके बाद उसे शिवाजी पार्क लाया गया, जहां शाम करीब साढ़े छह बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

लता मंगेशकर को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए उनके हजारों प्रशंसक अस्पताल के बाहर एकत्र हुए और गलियों में पंक्तिबद्ध खड़े रहे.

लता मंगेशकर के निधन के बाद पूरा देश शोक की लहर में डूब गया है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न हस्तियों ने मंगेशकर के निधन पर शोक प्रकट किया.

उनकी बहन उषा मंगेशकर ने बताया कि लता मंगेशकर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस लेने से कई साल पहले लता मंगेशकर संगीत जगत में एक महान गायिका के रूप में अपना नाम अंकित करा चुकी थीं.

गायिका कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं और उन्हें बीमारी के मामूली लक्षण थे. उन्हें आठ जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था.

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