जीवन में हमारी कई लोगों से मुलाकात होती है। हमारी हर किसी से अच्छी बने यह जरूरी नहीं होता है। कुछ पहली मुलाकात के बाद अच्छे दोस्त बन जाते हैं, जबकि कुछ ऐसे होते हैं चाहें हम उनके कितनी ही बात क्यों न कर लें उनकी बातें हमें पसंद नहीं आती। ज्योतिष शास्त्र में भी ऐसी राशियों का वर्णन किया गया है जिनकी आपस में कभी नहीं बनती है।
जातक का स्वभाव उसकी राशि पर निर्भर करता है। ग्रह-नक्षत्रों के कारण व्यक्ति का शांत या गुस्सैल हो सकता है। जानिए किन राशि वालों के बीच रहता है 36 का आंकड़ा-
1. मेष और कर्क- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मेष राशि वाले मनमौजी स्वभाव के होते हैं। वह हमेशा सबसे पहले खुद के बारे में सोचते हैं। जबकि कर्क राशि वाले शांत और विनम्र स्वभाव के होते हैं। यह हमेशा दूसरों के बारे में सोचते हैं। कर्क राशि वाले दूसरों से भी यही उम्मीद रखते हैं। दोनों के स्वभाव विपरीत होने के कारण इन राशि वालों की आपस में नहीं बनती है।
2. कुंभ और वृषभ- कहा जाता है कि कुंभ राशि वालों को वृषभ राशि का जीवनसाथी नहीं चुनना चाहिए। कुंभ राशि के जातक जिद्दी व दृढ़निश्चयी होते है, जबकि वृषभ राशि वाले स्वतंत्र स्वभाव के होते हैं। ऐसे में कई बार दोनों के बीच छोटी बात पर भी टकराव की स्थिति बन जाती है। कहा जाता है कि दोनों में से कोई भी समझौता करने को राजी नहीं होता है।
3. मीन और मिथुन- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मिथुन राशि वाले अपनी बात के पक्के नहीं होते हैं। मिथुन राशि वाले कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं, जबकि मिथुन राशि वाले स्वभाव के सरल व शांत होते हैं। ये इमोशनल होते हैं। अक्सर मीन राशि वाले मिथुन राशि वालों की बात को समझ नहीं पाते हैं और यही विवाद का कारण बनता है।
इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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