जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण पिछले एक दशक में डायबिटीज रोगियों की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक विश्व स्तर पर 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के 33 फीसदी से अधिक लोग इस घातक रोग के शिकार हैं। गंभीर बात यह है कि अब कम उम्र के लोगों में भी डायबिटीज का निदान किया जा रहा है। डायबिटीज में शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है या फिर जो इंसुलिन बनाता है उसका प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं हो पाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मधुमेह के शिकार लोगों को बचाव के उपायों को प्रयोग में लाकर इसे नियंत्रित करने के प्रयास करते रहने चाहिए।
आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक हमारे घर में कई ऐसी चीजें मौजूद होती हैं, जिनका सेवन करके डायबिटीज को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही कुछ घरेलू उपायों के बारे में जानते हैं जिनको प्रयोग में लाकर मधुमेह को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।
मधुमेह में करेला है फायदेमंद
मधुमेह रोगियों के लिए करेला का सेवन करना विशेष लाभदायक माना जाता है। करेला, शरीर में ग्लूकोज के मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने के साथ ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मददगार हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना सुबह खाली पेट करेले के जूस का सेवन करना मधुमेह रोगियों के लिए लाभदायक हो सकता है। करेले की सब्जी का भी सेवन किया जा सकता है।
मधुमेह रोगियों के लिए करेला का सेवन करना विशेष लाभदायक माना जाता है। करेला, शरीर में ग्लूकोज के मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने के साथ ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मददगार हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना सुबह खाली पेट करेले के जूस का सेवन करना मधुमेह रोगियों के लिए लाभदायक हो सकता है। करेले की सब्जी का भी सेवन किया जा सकता है।
मेथी का करें सेवन
हमारी रसोई में मौजूद जड़ी-बूटियां सेहत का खजाना मानी जाती हैं। किचन में मौजूद मेथी को भी डायबिटीज रोगियों के लिए काफी लाभदायक माना जाता है। मेथी के सेवन ग्लूकोज टॉलरेंस को बढ़ावा देने के साथ, रक्त शर्करा के स्तर को कम करने और इंसुलिन के स्राव को उत्तेजित करने में सहायक होता है। 2 बड़े चम्मच मेथी के दाने को रात भर पानी में भिगो दें और अगली सुबह खाली पेट इस पानी को पी लें। यह आपके ग्लूकोज के स्तर को नीचे लाने में मदद करेगा।
हमारी रसोई में मौजूद जड़ी-बूटियां सेहत का खजाना मानी जाती हैं। किचन में मौजूद मेथी को भी डायबिटीज रोगियों के लिए काफी लाभदायक माना जाता है। मेथी के सेवन ग्लूकोज टॉलरेंस को बढ़ावा देने के साथ, रक्त शर्करा के स्तर को कम करने और इंसुलिन के स्राव को उत्तेजित करने में सहायक होता है। 2 बड़े चम्मच मेथी के दाने को रात भर पानी में भिगो दें और अगली सुबह खाली पेट इस पानी को पी लें। यह आपके ग्लूकोज के स्तर को नीचे लाने में मदद करेगा।
डायबिटीज में दालचीनी के फायदे
डायबिटीज के रोगियों के लिए दालचीनी भी काफी असरदार औषधि मानी जाती है। दालचीनी के बायोएक्टिव यौगिक मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। दालचीनी इंसुलिन की गतिविधि को उत्तेजित करके रक्त शर्करा के स्तर को भी नियंत्रित करती है। आधा चम्मच पिसी हुई दालचीनी को गर्म पानी में मिलाकर दिन में एक बार सेवन कर सकते हैं।
डायबिटीज के रोगियों के लिए दालचीनी भी काफी असरदार औषधि मानी जाती है। दालचीनी के बायोएक्टिव यौगिक मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। दालचीनी इंसुलिन की गतिविधि को उत्तेजित करके रक्त शर्करा के स्तर को भी नियंत्रित करती है। आधा चम्मच पिसी हुई दालचीनी को गर्म पानी में मिलाकर दिन में एक बार सेवन कर सकते हैं।
आंवला खाना है बेहद फायदेमंद
आंवला, विटामिन-सी से भरपूर होने के साथ अग्न्याशय को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। आंवला का सेवन कई प्रकार से किया जा सकता है। एक कप करेले के रस में एक चम्मच आंवले का रस मिलाकर कुछ महीनों तक रोजाना पीने से ब्लड शुगर के स्तर को आसानी से कम करने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
आंवला, विटामिन-सी से भरपूर होने के साथ अग्न्याशय को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। आंवला का सेवन कई प्रकार से किया जा सकता है। एक कप करेले के रस में एक चम्मच आंवले का रस मिलाकर कुछ महीनों तक रोजाना पीने से ब्लड शुगर के स्तर को आसानी से कम करने में मदद मिल सकती है।
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