बेहद खास है इस बार की माघ मास की मौनी अमावस्या, भूलकर भी न करें ये काम



शास्त्रों और पुराणों में माघ मास का विशेष महत्व बताया गया है और इस मास में आने वाले हर व्रत और त्योहार बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इसी क्रम में माघ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मौनी या माघी अमावस्या कहा जाता है। इस बार यह शुभ तिथि 31 जनवरी दिन सोमवार को है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है और मौन व्रत रखकर ईश्वर का ध्यान किया जाता है, जिससे मुनि पद की प्राप्ति होती है। इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की ऐसी दशा बन रही है, जिससे श्रवण नक्षत्र होने से महोदया योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इन शुभ योग में दान-पुण्य के कार्य और पितरों की पूजा करने का विशेष फल प्राप्त होता है। शास्त्रों में इस दिन के लिए कुछ ऐसी चीजें बताई गई हैं, जिनको भूलकर भी नहीं करनी चाहिए अन्यथा कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं मौनी अमावस्या पर कौन सी चीजें नहीं करनी चाहिए…

ऐसी जगहों पर जाने से बचें

 मौनी अमावस्या के दिन चंद्रमा के काले साये में कई नकारात्मक शक्तियां जल्दी जागृत हो जाती हैं, जो किसी भी व्यक्ति के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं। इसलिए रात में भूलकर भी सुनसान जगह जैसे श्मशान घाट, कब्रिस्तान आदि जगहों पर जाने से बचना चाहिए। इस दिन लोग टोने-टोटके भी करते हैं इसलिए जहां तक संभव हो, ऐसी जगहों पर जाने से बचें और गलत चीजों को झुने से बचें। इस बार एक नहीं दो दिन की लग रही है अमावस्या, जानें क्या है महत्व 3/8

इनका अपमान करने से बचें 

अमावस्या का संबंध न्याय के देवता शनिदेव से माना जाता है इसलिए इस दिन अगर आपके घर पर कोई मांगने आए तो उसे खाली हाथ न जाने दें। शुभ योग के बीच दान-पुण्य के कार्य करने और दूसरों की मदद करने से शनि महाराज की कृपा प्राप्त होती है। इसलिए इस दिन दान-पुण्य का कार्य करें और गरीब व जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आएं। इस दिन भूलकर भी गरीब व असहाय लोगों का अपमान नहीं करना चाहिए क्योंकि शनिदेव इनका प्रतिनिधित्व करते हैं, इनके अपमान से शनिदेव नाराज होते हैं। अच्छा यही रहेगा कि आप इसको अपनी आदत बना लें।

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